MUMBAI : महारेरा के 27 वारंटों की नीलामी से सर्वाधिक छह करोड़ 77 लाख रुपए की वसूली

नीलामी शुक्रवार को पनवेल तहसील कार्यालय में

मुंबई : घर खरीदारों की शिकायतों पर कार्रवाई के तहत रायगढ़ में डेवलपर्स के खिलाफ महारेरा द्वारा जारी वारंट के तहत वित्तीय मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रायगढ़ जिले के 27 प्रकरणों में छह करोड़ 77 लाख रु. 20 जनवरी शुक्रवार को पनवेल तहसीलदार कार्यालय में रुपए की वसूली के लिए नीलामी होगी।

महारेरा के सख्त उपायों से उन डेवलपर्स पर दबाव पड़ेगा जो घर खरीदारों की शिकायतों को नजरअंदाज करते हैं। विभिन्न आवास परियोजनाओं में महारेरा को समय से आवास न देने, परियोजनाओं का आंशिक परित्याग, गुणवत्ता की कमी जैसी विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त होती हैं। उन शिकायतों को सुनने के बाद, एक विशिष्ट अवधि के भीतर ब्याज, मुआवजा, वापसी का भुगतान करने का आदेश दिया जाता है। यदि उक्त अवधि में यह राशि वसूल नहीं की जाती है तो कलेक्टर कार्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। अचल संपत्ति अधिनियम, 2016 की धारा 40(1) के तहत यह वसूली करने का अधिकार कलेक्टर कार्यालयों को है। इसके अनुसार महारेरा के माध्यम से जिला कलेक्टरों को वारंट भेजा जाता है।

महारेरा ने 74 प्रकरणों में 15 करोड़ 11 लाख रुपए के वारंट रायगढ़ जिले के विकासकर्ताओं को मकान खरीदारों को मुआवजा देने के लिये भेजे। पनवेल तहसीलदार कार्यालय ने शुक्रवार 20 जनवरी को 27 प्रकरणों में छह करोड़ 77 लाख रुपए की वसूली के लिए नीलामी की घोषणा की है। यह प्रक्रिया पनवेल तहसीलदार कार्यालय में रायगढ़ कलेक्टर, रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर एवं उनकी टीम के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। महारेरा की नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक जारी वारंट की समीक्षा महारेरा ने शुरू कर दी है। उस वारंट के तहत राज्य के 13 कलेक्टर कार्यालयों को वसूली के लिए रिमाइंडर भेजा गया था। इसमें रायगढ़ जिले के 15 करोड़ 11 लाख में से 74 मामले शामिल हैं। इसमें से छह करोड़ 77 लाख रुपए के 27 प्रकरणों में नीलामी की जाएगी।

Leave a Comment