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रोजाना एक कविता: आज पढ़िए युवा कवि अभिजीत सिंह की कविता ‘कितने प्रस्थान’

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram सूरजअधूरी आत्महत्या में उड़ेल आयादिन-भर का चढ़नाउतरते हुए दृश्य कोसूर्यास्त

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए अशोक ‘मनीष’ की आध्यात्मिक कविता ‘मेरा विश्वास’

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram मेरी निम्न-प्रकृति मेंअवसाद के अन्धकार में,अहंकार के खूंटे सेबंधा हूँ,

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए युवा कवि गीत चतुर्वेदी की कविता ‘माथा चूमना किसी की आत्‍मा चूमने जैसा है’

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram कितनी ही पीड़ाएं हैंजिनके लिए कोई ध्वनि नहींऐसी भी होती

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए मशहूर कवि डेरेक वॉल्कॉट की कविता जिसका अनुवाद किया है असद ज़ैदी ने

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram वह वक़्त भी आएगाजब तुम, बख़ुशीअपनी दहलीज़ पर ख़ुद ही

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए डॉ. ओम नागर को जिनका मानना है कि कवि का केवल एक पक्ष होता है, वो है मनुष्यता

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram डॉ. ओम नागर की कविताएं जीवन की गहन अनुभूति से

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए आस्तीक की उस कविता को जो उठाती है मनुष्य के अस्तित्व से जुड़े सवाल

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram कविता वह समय है जिसे इतिहास पलटकर देख तो सकता

Aruna Roy POEM

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए अरुणा राय को जिनकी कविताओं में झलकता है जिंदगी के मूक शब्द

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram हिन्दी की युवा कवियत्री अरुणा राय का आज जन्मोत्सव है।

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए धूमिल को जिनकी कविताओं में झलकता था व्यवस्था का विरोध

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’… हिंदी कविता के एंग्री यंग मैन। एक

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए कृष्ण बिहारी ‘नूर’ को जिन्होंने शायरी को बड़ी ही नफ़ासत के साथ खूबसूरत लफ़्ज़ों में ढाला

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram तमाम उम्र लफ़्जों को संजीदगी से तराशने वाले शायर थे

on the doorstep

देहरी पर

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram देहरी परमन्दिर तुम्हारा हैदेवता हैं किस के? प्रणति तुम्हारी हैफूल

रोजाना एक कविता: आज पढ़िए शलभ श्रीराम सिंह को जिनकी कविताएं हमारी चेतना को परिष्कृत कर एक आवाज में तब्दील हो जाती हैं

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram शलभ श्रीराम सिंह… युयुत्सावादी कविता का जनक जिसने प्रेम की

रोजाना एक कविता : आज पढ़िए जॉन कीट्स को जिसकी कविताओं से झांकती है ज़िंदगी

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram जॉन कीट्स… वो कवि जिसकी कविताओं को अंग्रेज़ी साहित्य-जगत नापसंद

रोजाना एक कविता : आज पढ़िए असंगघोष को जिनकी कविताएं करती हैं अन्याय, शोषण और असमानता के विरुद्ध प्रतिकार की चेतना का संचार

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram हिन्दी दलित कविता में असंगघोष एक सुपरिचित नाम है। उनकी

रोजाना एक कविता : आज पढ़िए निर्मला पुतुल को जिनकी कविताओं में नगाड़े की तरह बजते हैं शब्द

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram क्या तुम जानते होपुरुष से भिन्नएक स्त्री का एकांतघर-प्रेम और

रोजाना एक कविता : ठाकुर प्रसाद सिंह की वह कविता जिसने नवगीत को दिया एक नया आयाम

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram आज हिन्दी नवगीत के प्रवर्तक ठाकुर प्रसाद सिंह का जन्मदिन

रोजाना एक कविता : आज पढ़िए अन्तःमन पर सीधा प्रहार करने वाले ‘मजदूर’ कवि सबीर हका की चुंनिंदा कविताएं

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram सबीर हका… एक ईरानी मजदूर जो कविता लिखता है… एक

रोजाना एक कविता : इन्किलाबी शायर अदम गोंडवी की वो कविता जिन्हें पढ़कर ऐसा लगेगा जैसे कान में पारा उढेल दिया गया हो

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram अदम गोंडवी… वो शायर जिसने ग़ज़ल और शायरी को रूमानियत

रोजाना एक कविता : तेजेंद्र शर्मा की चुनिंदा कविताएं जिनमें गूंजते हैं मानवाधिकार के स्वर

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram हिंदी के प्रवासी कवियों में एक विशेष स्थान रखने वाले

रोजाना एक कविता : वीरेन्द्र खरे ‘अकेला’ की ग़ज़ल ‘रोटी दिखा दिखा कर तड़पाया जा रहा है…’

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram वीरेन्द्र खरे ‘अकेला’ ये कौन सा तरीक़ा अपनाया जा रहा

रोजाना एक कविता : अरुण लाल की कविता ‘मैं खोल सकूं तुम्हारा मन…’

0 Shares 0 Facebook 0 Twitter 0 Whatsapp 0 Telegram अरुण लाल क्या तुम नहीं चाहतीकि मैं लिखूं कविता तुम्हारे लिएझांकू