कवि सम्मेलन में बही प्रेम की बयार, कवियों ने बिखेरा शब्दों का जादू
आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj) एनसीजेडसीसी द्वारा आयोजित चलो मन गंगा जमुना तीर के तहत गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुरुवार की शाम कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से जमकर वाहवाही लूटी। तालियों की गड़गडाहट से पूरा पंडाल गुंजयमान हो गया। रायपुर से आए रमेश विश्वहार ने अपने गीत- भारत का स्वाभिमान ये परचम तुम ही से है, दिवाली, ईद का अलम तुम ही से है, ऐ देश के शहीदों, तुम्हें सैकड़ों नमन, भारत में अमन ओ चैन का मौसम तुम ही से है, पढकर खूब तालियां बटोरी।
अयोध्या से पधारे हास्य वयंग्य कवि पंकज श्रीवास्तव ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को भरपूर हंसाया। उन्होंने अपनी रचना -खुद में एक सेलीब्रिटी की झलक पाता हूँ, जब से नुक्कड़ पर चाय का ठेला लगाता हूँ, से श्रोताओं को खूब मनोरंजन किया। मध्य प्रदेश के ओज कवि काज़ी ने अपनी ग़ज़ल पढ़ी। जबकि नई दिल्ली से पधारीं कवियित्री पावनी कुमारी ने अपनी कविता से श्रोताओं का दिल जीत लिया।
इसी क्रम में शैलेंद्र मधुर ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने अपनी रचना- खींची है इस प्रदेश में विकास की रेखा रहती है, अमन-चैन से सलमा व सुलेखा निवेश कर रहे हैं, विदेशी भी अब यहां यूपी नहीं देखा तो कुछ भी नहीं देखा… के जरिए वाहवाही बटोरी। प्रख्यात शायर नयाब बलियालवी, हास्य व्यंग के युवा कवि अमित श्रीवास्तव जौनपुरी, युवा कवि योगेश ओझा, डा विजय आनंद, विवेक सत्यांशु सहित अन्य रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन के बाद एक से बढ़कर एक लोकगीत प्रस्तुत किए गए। लोक कलाकारों ने सिंधीछम, कर्मा, डोमकच नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मनोरंजन किया। कवि सम्मेलन मुशायरा की अध्यक्षता नायाब बलियालवी एवं संचालन प्रख्यात शायर नज़ीब इलाहाबादी ने किया।


