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Mumbai : भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. गोपालराव पाटिल का लातूर में निधन

Mumbai: Senior BJP Leader and Former MP Dr. Gopalrao Patil Passes Away in Latur

मुंबई : (Mumbai) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. गोपालराव पाटिल (Dr. Gopalrao Patil) (९४) का मंगलवार सुबह लातूर के गैलेक्सी हॉस्पिटल (Galaxy Hospital in Latur) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले पंद्रह दिनों से बीमार थे और उनका इलाज गैलेक्सी अस्पताल में हो रहा था। आज शाम 5 बजे लातूर के संत तुकाराम नेशनल मॉडल स्कूल ग्राउंड (Sant Tukaram National Model School grounds in Latur) में उनके पार्थीव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लातुर जिले के संरक्षक मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले (Shivendrasinh Raje Bhosale) ने पूर्व सांसद गोपालराव पाटिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के दर्शन के लिए शिव छत्रपति शिक्षण संस्था के प्रांगण में रखा जाएगा। इसके बाद यहां के स्पोट्र्स ग्राउंड में शाम 5 बजे उनके पार्थीव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉ. गोपालराव के परिवार में उनकी पत्नी शांताबाई पाटिल, एक बेटा और तीन बेटियां (wife, Shantabai Patil, one son, and three daughters) हैं। उनके बेटे सच्चिदानंद यूएस में आईटी कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। बेटियां भी अलग-अलग फील्ड में काम कर रही हैं।

डॉ. गोपालराव का जन्म 3 अक्टूबर, 1931 को धाराशिव (पहले उस्मानाबाद) जिले के उमरगा तालुका (Umarga taluka of the Dharashiv) के कवाथा में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस और डीसीएच की डिग्री पूरी की। उन्होंने लंबे समय तक लातूर में बच्चों के डॉक्टर के तौर पर काम किया। डॉ. पाटिल शिव छत्रपति शिक्षण संस्था के प्रेसिडेंट थे। उन्होंने इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन (Indian Pediatric Association) की एक ब्रांच शुरू की और इसके पहले प्रेसिडेंट रहे। उन्होंने कई नेशनल मेडिकल कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया। 1998 में उन्हें ‘बेस्ट डॉक्टर पार्लियामेंटेरियन’ का अवॉर्ड मिला।

डॉ. गोपालराव पाटिल 1994 से 2000 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने कॉमर्स, फॉरेन अफेयर्स, रेलवे वगैरह जैसी ज़रूरी पार्लियामेंट्री कमेटियों में काम किया। उन्होंने पूर्व यूनियन मिनिस्टर शिवराज पाटिल (Dr. Gopalrao Patil) चाकुरकर के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ा। डॉ. पाटिल को पढऩे, घूमने और गज़़लों का खास शौक था। वे मराठी, हिंदी, इंग्लिश, उर्दू, संस्कृत और फ्रेंच अच्छी तरह बोलते थे।

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