नई दिल्ली : (New Delhi) मौसम विभाग (Meteorological Department) ने उत्तराखंड में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है लेकिन इसका उत्तरकाशी के सिलक्यारा में जारी राहत एवं बचाव कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह कहना है राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) (एनडीएमए) के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन का।
हसनैन ने सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि बचाव स्थल पर विभिन्न एजेंसियां काम कर रही हैं। सरकार हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। प्लान-1 के तहत 900 मिमी पाइपलाइन का काम चल रहा है। प्लान-2 ऊपर से ड्रिलिंग की जा रही है। 30 से 32 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ऑगर मशीन के बरमा के टूटे हुए ब्लेड पूरी तरह से निकाल लिये गए हैं। टूटे हुए हिस्से को पुनः प्राप्त करने में कुछ बाधाएं आईं लेकिन क्षति को ठीक कर लिया गया है। अब, भारतीय सेना के इंजीनियरों, खनिकों और अन्य तकनीशियनों की मदद से आज रात तक मैनुअल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
एनडीएमए के सदस्य ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं। आवश्यकतानुसार भोजन और दवाएं अंदर फंसे लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी महत्व दिया गया है। बैकअप संचार स्थापित किया गया है।


