
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly elections) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोटरसाइकिल चलाने पर कुछ पाबंदियां लगाई थीं। अब सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच (Division Bench of the Calcutta High Court) (खंडपीठ) ने इस मामले में सिंगल बेंच के पहले के आदेश में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इस नए आदेश का सीधा असर उन राजनीतिक दलों और लोगों पर पड़ेगा, जो चुनाव के दौरान माहौल खराब करने के लिए समूह में बाइक रैलियां निकालते हैं।
हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के आदेश में क्या बदलाव किए?
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस शंपा सरकार (Justice Shampa Sarkar) की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। बेंच ने जस्टिस कृष्णा राव के 20 अप्रैल के पुराने आदेश में संशोधन करते हुए उसमें ‘समूह में बाइक चलाना’ शब्द जोड़ दिया है। अदालत ने सख्त निर्देश दिया है कि मतदान के दिन (29 अप्रैल) और उससे दो दिन पहले किसी भी तरह की मोटरबाइक रैली की अनुमति नहीं दी जाएगी। चुनाव से ठीक पहले एक साथ कई बाइकों के समूह में चलने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।


