
नई दिल्ली : (New Delhi) क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) दुनिया के उन चुनिंदा एथलीटों में से हैं जिन्होंने लगभग हर वह मुकाम हासिल किया है जिसका एक खिलाड़ी सपना देखता है। हालांकि, 41 वर्ष की आयु में भी उनकी आंखों में कुछ अधूरे ख्वाब हैं जिन्हें वे संन्यास का आधिकारिक ऐलान करने से पहले हकीकत में बदलना चाहते हैं। इन लक्ष्यों में टीम की सफलता से लेकर व्यक्तिगत कीर्तिमान और पारिवारिक भावनाएं तक शामिल हैं।
विश्व कप का ऐतिहासिक खिताब
रोनाल्डो के शानदार करियर में अगर किसी एक ट्रॉफी की कमी सबसे ज्यादा खलती है, तो वह है फीफा विश्व कप (FIFA World Cup)। साल 2006 से 2022 के बीच पांच बार इस महाकुंभ में हिस्सा लेने के बावजूद वे अपनी टीम पुर्तगाल को चैंपियन नहीं बना सके। इस साल जून में होने वाला विश्व कप उनके करियर का छठा और संभवतः अंतिम मौका होगा। जहां उनके प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी (Lionel Messi)2022 में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं, वहीं रोनाल्डो इस बार अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की धरती पर अपनी टीम को विश्व विजेता बनाकर अपने सफर का सुखद अंत करना चाहेंगे।
करियर में 1000 गोल का जादुई आंकड़ा
फुटबॉल इतिहास में ‘गोल मशीन’ (Goal Machine) के नाम से मशहूर रोनाल्डो एक ऐसे व्यक्तिगत रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं, जो शायद सदियों तक अटूट रहे। वर्तमान में 969 गोल कर चुके रोनाल्डो अब 1000 गोल के जादुई आंकड़े की दहलीज पर हैं। उनकी फिटनेस और गोल करने की भूख को देखकर यह लक्ष्य नामुमकिन नहीं लगता। दिलचस्प बात यह है कि मेसी (905 गोल) व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की तुलना में टीम गेम पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन रोनाल्डो के लिए यह उपलब्धि उनके महानतम होने के प्रमाण की तरह है।
बेटे रोनाल्डो जूनियर के साथ मैदान साझा करना
रोनाल्डो का तीसरा सपना भावनात्मक और दुर्लभ है—वे अपने 15 वर्षीय बेटे, रोनाल्डो जूनियर (15-year-old son, Ronaldo Jr) के साथ एक ही मैच में पेशेवर रूप से खेलना चाहते हैं। ऐसी खबरें हैं कि अल-नस्र क्लब उनके बेटे को मुख्य टीम में शामिल कर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो रोनाल्डो खेल जगत के उस विशिष्ट क्लब का हिस्सा बन जाएंगे, जहां पिता और पुत्र एक साथ मैदान पर उतरते हैं। यह एक ऐसा रिकॉर्ड होगा जिसे मेसी चाहकर भी फिलहाल पूरा नहीं कर सकते और यह रोनाल्डो की विरासत को एक नई ऊंचाई देगा।
मेसी से तुलना और प्रेरणा
इन तीन सपनों में से विश्व कप का सपना ऐसा है, जिसे मेसी ने 2022 में पूरा कर लिया है। मेसी और रोनाल्डो की प्रतिद्वंद्विता ने फुटबॉल को दो दशकों तक जीवंत रखा है। जहां मेसी के पास विश्व कप की ट्रॉफी और टीम वर्क की साख है, वहीं रोनाल्डो अपनी बेजोड़ फिटनेस और व्यक्तिगत रिकॉर्ड की सनक के लिए जाने जाते हैं। यही प्रतिस्पर्धा रोनाल्डो को 41 की उम्र में भी मैदान पर पसीना बहाने के लिए प्रेरित कर रही है।
क्या पूरे होंगे अरमान?
मौजूदा फॉर्म को देखते हुए 1000 गोल का लक्ष्य सबसे आसान नजर आता है, जबकि विश्व कप जीतना पुर्तगाल की टीम (Portuguese national team) की लय पर निर्भर करेगा। हालांकि, अपने बेटे के साथ खेलना उनके करियर का सबसे यादगार लम्हा साबित हो सकता है। फुटबॉल प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि खेल का यह महानायक अपने जूते टांगने से पहले इन सभी हसरतों को पूरा कर ले, ताकि उनके करियर की किताब का हर पन्ना पूर्णता के साथ बंद हो।


