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Mumbai : विश्वसनीयता ही SEBI की पूंजीः तुहिनकांत

Mumbai: Credibility is SEBI's Greatest Asset: Tuhin Kanta

मुंबई : (Mumbai) भारतीय पूंजी बाजार (Indian capital market) की बढ़ती मजबूती और विस्तार के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने संस्था की “विश्वसनीयता” को उसकी सबसे बड़ी पूंजी बताया। सेबी के 38वें स्थापना दिवस (SEBI’s 38th Foundation Day) कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और तेज तकनीकी बदलावों के बावजूद भारतीय बाजार निरंतर वृद्धि दर्ज कर रहे हैं।

पांडे ने कहा कि मौजूदा मजबूती किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों के नियामकीय सुधार, संस्थागत ढांचे और निवेशक विश्वास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इसी आधार के कारण वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी देश में पूंजी निर्माण और निवेश गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं।

5900 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियां
आंकड़ों का हवाला देते हुए सेबी प्रमुख ने बताया कि भारत में 5,900 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियां सक्रिय हैं, जबकि 14 करोड़ से ज्यादा यूनिक निवेशक पूंजी बाजार से जुड़े हैं। पिछले एक दशक में बाजार पूंजीकरण में औसतन करीब 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि (CAGR) दर्ज की गई है। वहीं, म्यूचुअल फंड उद्योग की परिसंपत्तियां लगभग 20 प्रतिशत सालाना दर से बढ़ी हैं।

हर साल बढ़ रहे 10 लाख करोड़ रुपये
प्राथमिक बाजार भी हर वर्ष करीब 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने में अहम भूमिका निभा रहा है। पांडे ने कहा कि डिजिटल युग में निवेशकों की नई पीढ़ी तेजी से बाजार में प्रवेश कर रही है, जो तकनीक-सक्षम और अधिक जागरूक है। ऐसे परिदृश्य में नियामकों के लिए नवाचार और निवेशक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण, लेकिन अनिवार्य हो गया है।

कारोबार सरल बनाने पर पूरा फोकस
आगे की रणनीति पर उन्होंने बताया कि सेबी नियमों को सरल बनाने, कारोबारी सुगमता बढ़ाने और तकनीक-आधारित निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने पर फोकस कर रहा है। ई-ऑफिस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल फोरेंसिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) (e-office systems, data analytics, digital forensics, and Artificial Intelligence (AI)) आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए नियामकीय क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

अंत में पांडे ने कहा कि किसी संस्था की पहचान केवल उसके वर्षों से नहीं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता से तय होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत नियमन और निवेशक संरक्षण के आधार पर भारत का पूंजी बाजार आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराएगा।

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