
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Union Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju) ने शनिवार को कहा कि इसे सरकार की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके असहयोग के कारण यह महत्वपूर्ण विधेयक पास नहीं हो सका।
बजट सत्र के समापन के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में रिजिजू ने कहा कि यह देश की महिलाओं के साथ “बड़ा अन्याय” है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका, जबकि सरकार इसे पास कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थी।
रिजिजू ने कांग्रेस पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षण देना लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक आवश्यक कदम था। इस विधेयक का विरोध करना महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण के खिलाफ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं इस पूरे घटनाक्रम को समझ रही हैं और समय आने पर इसका जवाब देंगी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष को अपने इस रुख के कारण महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार देना कैसे असंवैधानिक या अलोकतांत्रिक हो सकता है, यह समझ से परे है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे संवाद की बजाय केवल औपचारिकता निभाते हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग करने से बचते हैं।
बजट सत्र के बारे में बोलते हुए रिजिजू ने इसे समग्र रूप से सफल बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश सरकारी कामकाज सुचारू रूप से पूरा हुआ, हालांकि महिला आरक्षण विधेयक का पारित न होना एक महत्वपूर्ण कमी रही। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
रिजिजू ने दोहराया कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखेगी और भविष्य में इस विधेयक को पारित कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे किसी भी कीमत पर आगे बढ़ाया जाएगा।


