
नासिक : (Nashik) स्वघोषित धर्मगुरु अशोक खरात (self-proclaimed spiritual guru Ashok Kharat) के खिलाफ कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आस्था के नाम पर यौन शोषण करने वाले इस ‘सफेदपोश’ (‘white-collared’) बाबा को अब जेल की सलाखों के पीछे दिन गुजारने होंगे। शनिवार को नासिक की अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएन इचपुरानी (Chief Judicial Magistrate B.N. Ichpurani) की अदालत ने अशोक खरात को 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत (MCR) में भेज दिया है। सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। अब उसे नासिक रोड सेंट्रल जेल में रखा जाएगा।
यौन शोषण के चौथे मामले में हुई पेशी
यह कार्रवाई यौन शोषण के चौथे मामले में हुई है। पीड़िता अपने घर के झगड़ों और निजी समस्याओं का समाधान पाने की उम्मीद में खरात के पास पहुंची थी। आरोप है कि खरात ने उसकी मजबूरी और विश्वास का फायदा उठाते हुए उसका शारीरिक शोषण किया। विशेष जांच दल (SIT) (Special Investigation Team) इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
अब 8 यौन शोषण सहित कुल 12 मामले
अशोक खरात के खिलाफ दर्ज मामलों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। अब तक उसके खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 मामले सीधे तौर पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। पुलिस को अंदेशा है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है।
रविवार को फिर होगी पेशी
एसआईटी रविवार को खरात को एक बार फिर अदालत में पेश करेगी। इस बार पुलिस पाँचवीं पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर उसकी पुलिस कस्टडी की मांग करेगी। पुलिस का कहना है कि खरात के रसूख और उसके द्वारा किए गए अपराधों के पैटर्न को समझने के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।


