
भोपाल : (Bhopal) मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार (leadership of Mohan Yadav, the Madhya Pradesh government) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए ‘द्वितीय अवसर परीक्षा’ (‘Second Chance Examination’) की घोषणा की है। इस फैसले से वे छात्र लाभान्वित होंगे जो परीक्षा में अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अपने अंक सुधारना चाहते हैं।राज्य के माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा यह परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 22 अप्रैल रात 12 बजे (Online portal until 12:00 AM on April 22) तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
इस विशेष परीक्षा में तीन तरह के विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे:जो पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे,जो एक या अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण हुए,जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रथम और द्वितीय परीक्षा में से जो भी परिणाम बेहतर होगा, वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) विषयों में केवल वही छात्र शामिल हो सकेंगे, जो उस हिस्से में अनुत्तीर्ण रहे हैं। साथ ही, इस परीक्षा में विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को अधिक अवसर देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष किसी भी छात्र का परिणाम ‘पूरक’ घोषित नहीं किया गया, जिससे छात्रों पर मानसिक दबाव कम हुआ है।
सरकार का संदेश: असफलता अंत नहीं
जनसंपर्क अधिकारी संदीप कपूर (Public Relations Officer Sandeep Kapoor) ने बताया कि यह पहल छात्रों को निराशा से उबारने और उन्हें एक और मौका देने के उद्देश्य से की गई है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि असफलता केवल सीखने का एक चरण है।
प्रदेश में शिक्षा सुधार के तहत कई पहलें की गई
369 अत्याधुनिक सांदीपनी विद्यालय,730 पीएम श्री स्कूल।शिक्षा बजट में 36,730 करोड़ रुपये का प्रावधान (पिछले वर्ष से 11% अधिक).8.5 लाख से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की फीस सरकार द्वारा वहन,सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से प्रदेश में ड्रॉपआउट रेट लगभग शून्य तक पहुंच गया है और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।


