
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के नासिक में हुए दुष्कर्म के चौथे मामले में शनिवार को जिला न्यायालय ने आरोपित अशोक खरात (Ashok Kharat) को 30 अप्रैल तक न्यायिक कस्टडी में भेज दिया है। इस मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल की टीम अशोक खरात को वीसी के माध्यम से दुष्कर्म के पांचवें मामले में रविवार को न्यायालय में पेश करने वाली है।
नासिक दुष्कर्म के चौथे मामले (Nashik rape case) में आरोपित अशोक खरात की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही थी। इसी वजह से एसआईटी की टीम ने आरोपित खरात को वीसी के माध्यम से न्यायालय में पेश किया था। इस मामले में सरकारी वकील ने आरोपित की पुलिस कस्टडी नहीं मांगा, इसलिए न्यायाधीश बीएन इचपुरानी ने आरोपित को ३० अप्रैल तक न्यायिक कस्टडी में भेज दिया है। साथ ही एसआईटी की टीम ने आरोपित को रविवार को पांचवें मामले में पेश करने के लिए आवेदन दिया, जिसे न्यायाधीश ने मंजूर कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि अशोक खरात (Ashok Kharat) को एक महिला की दुष्कर्म की शिकायत के बाद सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन की टीम ने १७ मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दुष्कर्म और धोखाधड़ी के कुल १४ मामले अशोक खरात के विरुद्ध दर्ज किए गए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते (IPS officer Tejaswini Satpute) के नेतृत्व में विशेष जांच समिति गठित की गई है। इन १४ मामलों में से चार मामलों में आरोपित खरात को न्यायिक कस्टडी मिल चुकी है। इस मामले में आर्थिक लेन देन और प्रापर्टी की भी डील हुई है, इसलिए इन मामलों की प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की टीम भी मनी लॉड्रिंग ऐंगल से जांच कर रही है।


