
नासिक धर्मांतरण और यौन शोषण का मामला
नाशिक : (Nashik) महाराष्ट्र के नासिक शाखा में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) (TCS) की एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत निदा खान अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। निदा खान से जुड़े कथित धर्मांतरण षड्यंत्र का खुलासा होने के बाद से इस मामले में पुलिस ने 9 एफआईआर दर्ज कर 8 लोगों को आरोपित बनाया है। मुख्य आरोपित मानी जा रही निदा खान (Nida Khan) पिछले 20 दिनों से फरार है और पुलिस को उसका कोई सुराग नही लग सका है।
पुलिस ने बताया कि नासिक के एक सामान्य मुस्लिम परिवार से आने वाली निदा खान टीसीएस में मैनेजर और टीम लीडर के रूप में काम कर रही थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि काम के दैनिक नियोजन के लिए होने वाली बैठकों के दौरान हिंदू युवतियों को परेशान करना और उन पर धर्मांतरण का दबाव डालने जैसी गतिविधियों में निदा खान कथित रूप से संचालन स्तर पर शामिल थी। मामले का खुलासा होने के बाद से वह फरार है और पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। जांच में यह भी सामने आया है कि टीसीएस में कार्यरत हिंदू युवतियों का मानसिक उत्पीड़न और यौन शोषण करवाने के पीछे धर्मांतरण मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के एक अन्य मामले की तरह इस प्रकरण में भी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता होने का संदेह पुलिस को है। इसी कारण स्थानीय पुलिस अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) (NIA) की मदद ले रही है।
गिरफ्तारी के बिना खुलासा मुश्किल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार निदा का पूरा नाम निदा एजाज खान है और उसकी उम्र 26 वर्ष बताई जा रही है। वह 2021 से टीसीएस में कार्यरत थी। नासिक के द्वारका क्षेत्र में उसका मायका है और उसका पति एक निजी कंपनी में काम करता है। आरोप है कि टीसीएस में कार्यरत मुस्लिम युवकों के साथ हिंदू युवतियों को प्रेम संबंधों में फंसाने में उसकी प्रमुख भूमिका थी और वह आरोपितों की हर संभव सहायता करती थी। अब तक टीसीएस में कार्यरत कुछ मुस्लिम युवकों के खिलाफ 78 शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है, लेकिन एचआर मैनेजर होने के बावजूद निदा ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसके अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह से संबंध (international religious conversion syndicate) होने की आशंका भी जताई जा रही है।
टीसीएस प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
कंपनी के एक कर्मचारी के अनुसार भले ही इस मामले में निदा खान को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है, लेकिन उसके पीछे कंपनी के ही अन्य उच्चपदस्थ लोग भी हो सकते हैं। कर्मचारी का कहना है कि एक ब्रांच में बतौर एचआर काम करने वाली 26 साल कि लडकी को इतने व्यापक अधिकार मिलना संभव नहीं है। मामले को दबाने के लिए नासिक स्थित टीसीएस के लगभग 150 कर्मचारियों को 13 अप्रैल से वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) की टीम 18 अप्रैल को नाशिक का दौरा करने वाली है। इससे पहले मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया जा रहा है। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए टीसीएस के शीर्ष प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
निदा एजाज खान (Nida Ejaz Khan) के फरार होने के बाद तीन प्रमुख बातें चर्चा में हैं। एक उसे कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से समर्थन मिल रहा था।
दूसरा उसका पीएफआई से संबंध और अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ाव होने की संभावना जताई जा रही है।
तीसरा उसे पीएफआई की मदद से केरल भाग जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और तीन टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जा सकेगा।


