
मुंबई : (Mumbai) केंद्रीय नागरी उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल (Union Minister of State for Civil Aviation Muralidhar Mohol) ने शनिवार को बताया कि “पुणे एयरपोर्ट पर रनवे रिपेयर का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया गया है। सेफ्टी को सबसे पहले रखते हुए, सुबह 7.30 बजे से फ्लाइट्स ने टेक ऑफ करना और 8.00 बजे से लैंडिंग शुरू कर दी है।”
मोहोल ने कहा कि एयरफ़ोर्स ने घटना की पूरी जांच के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी (Court of Inquiry) का आदेश दिया है। अब यह जांच की जाएगी कि हार्ड लैंडिंग किसी टेक्निकल खराबी की वजह से हुई थी या कोई और वजह थी। उम्मीद है कि दिन में पुणे में एयर ट्रैफिक़ धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार रात पुणे एयरपोर्ट पर इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) का एक फाइटर जेट की हार्ड लैडिंग करवाई गई थी। इससे फाइटर जेट और रनवे दोनों क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। इस घटना की वजह से पुणे एयरपोर्ट का रनवे 9 घंटे तक बंद रहा। इसकी वजह से पुणे से आने-जाने वाली 30 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल या डायवर्ट कर दी गईं, जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी हुई।
इस घटना के बाद, रात 11 बजे से एयरपोर्ट पर सभी एक्टिविटीज़ रोक दी गईं। पुणे आने वाली कम से कम 8 फ्लाइट्स को सूरत, गोवा, नवी मुंबई, चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहरों में डायवर्ट कर दिया गया। इंडिगो और अकासा एयर (IndiGo and Akasa Air) की सुबह की कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इनमें दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और वडोदरा जाने वाले पैसेंजर्स शामिल थे। आधी रात को फ्लाइट्स कैंसिल होने से पैसेंजर्स में कन्फ्यूजन था। एयरलाइंस पैसेंजर्स को अपनी यात्रा कैंसिल करके रिफंड लेने या वहीं रुकने का ऑप्शन दे रही थीं।
इस घटना के बाद सिविल एविएशन राज्य मंत्री और पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोल ने तुरंत एयरफोर्स और एयरपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन से संवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए एयरपोर्ट के बारे में जानकारी दी। रनवे पर फंसे फाइटर जेट को हटाने के लिए क्रेन और भारी मशीनरी लगाई गईं। एयरफोर्स की टेक्निकल टीम (Air Force’s technical team) ने रात भर काम करके रनवे को फिर से चालू कर दिया। इससे 9 घंटे बाद पुणे एयरपोर्ट का कामकाज पूर्ववत हो सका है।


