
तिरुवनंतपुरम : केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने बुधवार को संसद में पेश केंद्रीय बजट 2023-24 की आलोचना करते हुए कहा कि उनके राज्य की लंबे समय से लंबित मांगों की पूरी तरह से अनदेखी की गई और प्रस्ताव लोगों के लिए जमीनी स्तर पर फायदेमंद नहीं हैं।
बालगोपाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना, खाद्य सब्सिडी और चावल एवं गेहूं की खरीद सहित प्रमुख योजनाओं में आवंटन में भारी कटौती की गई है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की यह घोषणा कि केंद्र प्रायोजित योजनाएं (सीएसएस) जो अभी “इनपुट’’ (लागत) आधारित हैं, उन्हें “परिणाम आधारित” बनाया जा रहा है और केरल जैसे राज्यों के लिए यह खतरनाक होगा।
उन्होंने संदेह जताया कि बजट में उल्लिखित सहकारिता क्षेत्र संबंधी नयी योजना सहकारी समितियों के क्षेत्र में केंद्र द्वारा अतिक्रमण का प्रयास हो सकता है जबकि सहकारिता राज्य का विषय है।
बालगोपाल ने कहा कि केरल की कई मांगों को इस बार भी नजरअंदाज कर दिया गया जो लंबे समय से लंबित हैं।


