रायपुर : (Raipur) रायपुर पुलिस की साइबर टीम (Raipur Police Cyber Team) ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस ने झारखंड, गुजरात और आंध्रप्रदेश में एक साथ कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
प्रार्थी हेमंत कुमार जैन ने रायपुर के गुढियारी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि, उनके साथ शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 2.66 करोड़ की ठगी की गई है। मामले में धारा 318(4), 3(5) भा.न्या.सं. के तहत केस दर्ज कर जांच को रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपा गया।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों की हुई पहचान – पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा (Inspector General of Police Amresh Mishra) के निर्देश पर रेंज साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर मुख्य आरोपितों की पहचान की। सभी आरोपित ठगी के बाद अलग-अलग राज्यों में स्थान बदलकर रह रहे थे। इसके बाद पुलिस टीमें हजारीबाग (झारखंड), अहमदाबाद और गांधीनगर (गुजरात), ईस्ट गोदावरी (आंध्रप्रदेश) भेजी गईं, जहां एक साथ रेड कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपितों में अशोक खैराती लाल शर्मा निवासी अहमदाबाद गुजरात, नागेंद्र कुमार महतो निवासी हजारीबाग झारखंड, शेख बाबा निवासी मन्डापेटा, ईस्ट गोदावरी आंध्रप्रदेश, प्रियांक ब्रह्मभट्ट निवासी पाटण, गुजरात है।
इनमें से शेख बाबा एमबीए कर चुका है और प्रियांक आईटी ग्रेजुएट है। नागेंद्र और अशोक ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउस से जुड़े रहे हैं। ये सभी एक-दूसरे से जुड़े और जल्दी पैसा कमाने की लालच में साइबर ठगी में संलिप्त हो गए।ठगी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज पुलिस ने जब्त कर लिए हैं और अटैचमेंट की कार्रवाई की जा रही है। आरोपितों से आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सभी आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
रायपुर रेंज पुलिस के लिए यह ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि साइबर अपराधों के खिलाफ अब पुलिस सिर्फ तकनीकी रूप से नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी पूरी तरह तैयार है।


