मुंबई : ठाणे शहर में एनसीपी के दोंनो गुटों में लगता है कि शीर्ष नेताओं के पुतले फुकने में परस्पर जैसे होड़ ही लगी हुई है | हालांकि कुछ लोग इसे नूरा कुश्ती की भी संज्ञा दे रहे है | राज्य के बीड में आयोजित अजित पवार एनसीपी की बैठक में शरद पवार के विरुद्ध छगन भुजबल के द्वारा यह टिपण्णी करने पर कि साहेब यानी शरद पवार अब की किस किस से माफ़ी मांगेगे | एनसीपी अजित गट के नेता छगन भुजबल ने एनसीपी के सुप्रीमो शरद पवार के उस कथन पर जिसमें कहा गया था कि मुझसे गलती हुई है इसके लिए मैं अब माफ़ी मांगता हूँ | एनसीपी नेता छगन भुजबल ने निशाना साधा था कि क्या साहेब अब 54 जगह मांफी मांगेगे ,और वह भी किस किस से ?
इसके बाद ठाणे में आव्हाड समर्थक और शरद पवार एनसीपी गुट के ठाणे अध्यक्ष सुहास देसाई के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने छगन भुजबल का पुतला जलाया था | इसके बाद ठाणे अजित गुट एनसीपी के अध्यक्ष आनंद परांजपे ने आज छगन भुजबल के पुतले दहन के जबाव में जीतेन्द्र आव्हाड का पुतला जलाया |
आज इस मौके पर अजित गुट एनसीपी के महाराष्ट्र प्रवक्ता और ठाणे अध्यक्ष आनंद परांजपे आनंद परांजपे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे आदरणीय नेता और बहुजन नेता छगन भुजबल साहब का पुतला जलाया क्योंकि भुजबल की प्रतिमा का दहन जीतेन्द्र आव्हाड के मार्गदर्शन में किया गया था | उन्होंने हमारे नेता छगन भुजबल को गद्दार की संज्ञा दी थी | इसलिए परांजपे ने पूछा की यदि आपने . उन्हें गद्दार कहा.है तो यदि आप जीतेन्द्र आव्हाड का विरोध करते हैं तो क्या देशद्रोही हो जाते हैं , लेकिन मूलरूप से देशद्रोही कौन है यह सभी जानते हैं |
ठाणे अजित पवार गुट एनसीपी अध्यक्ष परांजपे ने आज स्पष्ट कहा है कि हमने क्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है | , इसी कार्रवाई की तीव्र प्रतिक्रिया स्वरूप राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जीतेंद्र आव्हाड का पुतला जलाकर इसका जवाब दिया है और आगे भी उन्हें इसी तरह जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तो अभी शुरुआत ही है ,| उन्होंने कटाक्ष किया कि हाथ में रस्सी बांधकर प्रगतिशील भाषा बोलने से कोई बहुजन नेता नहीं बन जाता। आनंद परांजपे ने यह भी सुझाव दिया कि ठाणे और येउर में उनके बंगलों में क्या कारोबार चल रहा है, इसका पता लगाने के लिए एक जांच रिपोर्ट बनाई जानी चाहिए।


