MUMBAI : भ्रष्टाचार मामला
देशमुख के पूर्व सचिव को जमानत

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अनिल देशमुख के पूर्व निजी सचिव संजीव पलांडे को भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत दे दी। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है। इस मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री देशमुख फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पलांडे की जमानत याचिका मंजूर कर ली। पलांडे के वकील शेखर जगताप ने कहा कि उनके (पलांडे के) 27 जनवरी को जेल से बाहर आने की संभावना है।

जून 2021 में हुई थी गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन की जांच के मामले में उच्च न्यायालय ने पिछले महीने पलांडे को जमानत दी थी। ईडी ने धन शोधन मामले में पलांडे को जून 2021 में गिरफ्तार किया था। बाद में अप्रैल 2022 में सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें हिरासत में लिया। मार्च 2021 में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को मुंबई में रेस्तरां और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य दिया था। उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2021 में सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने इस जांच के आधार पर देशमुख और अन्य के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। जांच एजेंसी के मुताबिक, पलांडे ने देशमुख की ओर से मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाजे को पैसे वसूलने के निर्देश दिए थे।

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