
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) उल्हासनगर के जिला स्तर के मध्यवर्ती अस्पताल (Ulhasnagar’s district-level Central Hospital) में एंबुलेंस की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। ताजा घटना में एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस न मिलने से करीब छह घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
6 घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस
मिली जानकारी के अनुसार, कर्जत पुलिस मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे आठ माह की गर्भवती और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को अस्पताल लेकर आई। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे सर जे.जे. अस्पताल (Sir J.J. Hospital) रेफर कर दिया।
इसके बाद 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को बार-बार संपर्क किया गया, लेकिन करीब छह घंटे तक कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। अंततः सिविल सर्जन डॉ. मनोहर बनसोडे को जानकारी देने के बाद शाम करीब 7 बजे एंबुलेंस की व्यवस्था हो सकी।
पहले भी हो चुकी है मौत
बताया जा रहा है कि हाल ही में एक गंभीर महिला मरीज की एंबुलेंस न मिलने के कारण अस्पताल में ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सरकार की आलोचना हुई थी। हालांकि कार्रवाई के तहत एंबुलेंस एजेंसी पर कार्रवाई करने के बजाय सिविल सर्जन डॉ. बनसो (Civil Surgeon Dr. Bansode) डे को निलंबित कर दिया गया था, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा।
महंगी निजी एंबुलेंस बनी मजबूरी
अस्पताल के बाहर निजी एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी लागत आम लोगों के लिए काफी अधिक है। वहीं उल्हासनगर महानगरपालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) की एंबुलेंस सेवा भी जटिल प्रक्रियाओं के कारण समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सरकारी 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।


