मुंबई : सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने विभिन्न मंडलों के 35 टिकट चेकिंग स्टाफ और 5 गैर-किराया राजस्व सम्बंधी कार्य करने वाले स्टाफ को पिछले वित्तीय वर्ष में उनके अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया। वाणिज्य विभाग के सराहनीय कार्य के लिए महाप्रबंधक ने एक लाख रुपए के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की है। सेंट्रल रेलवे ने रेलवे बोर्ड के 235.30 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 303.91 करोड़ रुपए का टिकट जांच राजस्व अर्जित किया और सभी क्षेत्रीय रेलवे में पहले स्थान पर रहा। पहली बार किसी जोनल रेलवे ने 300 करोड़ रुपए के राजस्व को पार किया है। सेंट्रल रेलवे को सबसे ज्यादा करोड़ या अधिक राजस्व देने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ का सौभाग्य प्राप्त है। कुल 23 टिकट चेकिंग स्टाफ ने 1 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की है। 2 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व अर्जित करने वाले धर्मेंद्र कुमार टीटीआई भारतीय रेल पर सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले हैं। सबसे ज्यादा राजस्व वसूल करने वाली 5 महिला टिकट चेकिंग स्टाफ को भी सभी मंडलों से सम्मानित किया गया। उपरोक्त के अलावा,सेंट्रल रेलवे ने रेलवे बोर्ड के 81.66 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 87.44 करोड़ रुपए का एनएफआर राजस्व अर्जित किया है और सभी क्षेत्रीय रेलवे में पहले स्थान पर है। पहली बार सेंट्रल रेलवे ने अपना एनएफआर लक्ष्य हासिल किया है। इस अनुकरणीय कार्य के लिए प्रत्येक मंडल के एनएफआर अनुभाग के प्रभारी वाणिज्यिक निरीक्षक को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक आलोक सिंह, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक डी वाई नाइक सहित अन्य प्रमुख विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।


