
6.5 करोड़ की संपत्ति जब्त
मुंबई : (Mumbai) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Mumbai Zonal Unit) (एनसीबी) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने संगठित सिंथेटिक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। मेफेड्रोन (एमडी), मेथम्फेटामाइन और प्रतिबंधित रसायनों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध हथियार रखने से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले (high-profile case) में अदालत ने विभिन्न आरोपियों को सजा सुनाई है। साथ ही 6.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
मुख्य सरगना को 15 साल की सजा
एनसीबी के अनुसार, ठाणे स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने मोहम्मद आरिफ याकूब भुजवाला को 15 वर्ष के कठोर कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं परवेज़ खान उर्फ चिंकू पठान, मोहम्मद सलमान खान और विक्रांत जैन (Parvez Khan alias ‘Chinku Pathan’, Mohammed Salman Khan, and Vikrant Jain) को पांच-पांच वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। हारिस फैजुल्लाह खान को एक वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
2021 में शुरू हुई थी जांच
यह मामला 20 जनवरी 2021 को सामने आया था, जब एनसीबी ने नवी मुंबई के घंसोली इलाके में छापा मारकर कुख्यात ड्रग तस्कर परवेज़ खान उर्फ चिंकू पठान को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 52.2 ग्राम मेफेड्रोन, बिना लाइसेंस की पिस्तौल, पांच कारतूस, नकदी और कीमती आभूषण बरामद किए गए थे।
मुंबई के चिंचबंदर से चलता था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि जब्त मादक पदार्थ मोहम्मद आरिफ भुजवाला (Mohammed Arif Bhujwala) द्वारा सप्लाई किए गए थे, जो मुंबई के चिंचबंदर इलाके से संगठित सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क संचालित कर रहा था। एनसीबी ने उसके ठिकानों पर छापेमारी कर 5.375 किलोग्राम मेफेड्रोन, 990 ग्राम मेथम्फेटामाइन और 6.126 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद किया। इसके अलावा 2.18 करोड़ रुपये नकद और अवैध हथियार भी जब्त किए गए।
पैकेजिंग यूनिट और वित्तीय रिकॉर्ड मिले
एनसीबी को छापों के दौरान पैकेजिंग सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें, सीलिंग उपकरण और वितरण में इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुएं मिलीं। एजेंसी ने मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए, जिनका बाद में तकनीकी विश्लेषण किया गया।
भिवंडी और बांद्रा तक फैला था नेटवर्क
जांच के दौरान विक्रांत जैन और हारिस फैजुल्लाह खान (Vikrant Jain and Haris Faizullah Khan) की भूमिका भी सामने आई। भिवंडी से 52.8 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जबकि बांद्रा से गिरफ्तार हारिस खान के पास से 3 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ मिला। एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपी नेटवर्क के वितरण और वित्तीय संचालन में सक्रिय थे।
‘नेटवर्क-केंद्रित’ जांच रणनीति से मिली सफलता
एनसीबी ने इस मामले में “नेटवर्क-केंद्रित” और “नीचे से ऊपर” जांच रणनीति अपनाई। एजेंसी ने तस्करों के आपूर्ति स्रोत, वितरक, वित्तपोषक और संपर्कों की तकनीकी व वित्तीय जांच कर पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। जांच में मानव खुफिया, डिजिटल डेटा और वित्तीय ट्रेल का व्यापक उपयोग किया गया।
6.5 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
एनसीबी ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त भी किया। परवेज़ खान उर्फ चिंकू पठान की 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां जब्त की गईं। वहीं आरिफ भुजवाला से जुड़ी 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां, नकदी और अन्य परिसंपत्तियां भी कुर्क की गईं।
एनसीबी ने बताया बड़ी उपलब्धि
एनसीबी के अनुसार, यह कार्रवाई संगठित सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ एजेंसी की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। एजेंसी का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के व्यवस्थित संकलन की वजह से सभी आरोपियों को अदालत में दोषी साबित किया जा सका।


