गुवाहाटी:(Guwahati) सीबीआई ने 16 मई की रात को हुई एक रहस्यमय सड़क दुर्घटना में मारी गयी एसआई जोनमणि राभा के मामले में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है।
इस घटना के सिलसिले में नगांव जिले की तत्कालीन पुलिस अधीक्षक लीना दलै के साथ नगांव के कई पुलिस अधिकारियों को नामजद किया गया था। सीआईडी ने जब पहली बार मामले की जांच शुरू की तो पूरी घटना के साथ लखीमपुर जिले के नाउबेचा बंगालमारा में नकली सोने के कारोबार और नकली नोटों का तार जुड़ा था।
उधर, जोनमणि राभा की घटना को लेकर बने माहौल ने पूरी घटना को रहस्य में डाल दिया है। खासकर घटना होने से पहले शाम को जब एसपी से मुलाकात की तो जोनमणि राभा रात भर लक्ष्यहीन होकर नगांव कस्बे में घूमती रही। नगांव पुलिस की एक टीम ने हादसे के समय जोनमणि राभा के घर पर छापा मारा। शव के पोस्टमार्टम का वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया गया। ट्रक चालक को हिरासत में लेकर उसे जमानत पर रिहा करने में मदद की।
इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। अंत में डीआईजी लवली कटारिया के नेतृत्व में एक टीम को सीबीआई ने जांच के लिए भेजा।
जांच टीम ने लंबी जांच की और एसआई जोनमणि राभा मामले में पहले मामले में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला लखीमपुर सदर थाना में 96/2023 दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने मामले की जांच करते हुए चार लोगों को आरोपित बनाया है। आरोपितों में नूर मोहम्मद, अजीजुर रहमान, रियाजुल इस्लाम और मुजीबुर रहमान शामिल हैं।


