रक्सौल के नागा रोड मे बना दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर का स्वरूप
पूर्वी चम्पारण : जिले में हर तरफ शारदीय नवरात्र की धुम दिखने लगी है।लोगो में पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है।विभिन्न पूजा पंडालो को अंतिम रूप दिया जा रहा है।आदिशक्ति मां दुर्गा की प्रतिमा की सजावट भी पूरी कर ली गयी है।मोतिहारी शहर के छतौनी चौक बस स्टैंड परिसर में इस वर्ष कोलकाता के कारीगर कोलकाता के चंडी मंदिर के तर्ज पर पूजा पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे है।बना रहे हैं।छतौनी पूजा समिति के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि विगत वर्ष 1989 से इस स्थल पर प्रतिवर्ष माता की पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
इस स्थल पर पहले-पहल पूजा की शुरुआत स्व. लक्ष्मण प्रसाद व स्व.महेश प्रसाद आदि ने मिलकर की थी। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से भी इस साल पूजा का आयोजन किया जा रहा है,जहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओ के लिए विशेष मेला आदि की व्यवस्था की गयी है।पंडाल तैयार हुआ।वही जिले प्रमुख सीमाई शहर रक्सौल के नागा रोड दुर्गा पूजा पंडाल को दिल्ली के लक्ष्मी-नारायण मंदिर का स्वरूप दिया गया है।जिसे कारीगर अंतिम स्वरूप प्रदान करने में जुटे है।यह पंडाल बरबस लोगो को आकर्षित कर रहा है।
पूजा समिति के अध्यक्ष प्रभु यादव, सचिव संतोष कुमार रौनियर, कोषाध्यक्ष संदीप कुमार एवं राकेश रंजन वर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि इस साल दिल्ली के प्रसिद्ध लक्ष्मी- नारायण मंदिर के तर्ज पर पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ आधे दर्जन देवताओं एवं राक्षसों की प्रतिमाएं बनाई गई है।इसके साथ ही माता के दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओ के लिए झूला एवं झरना आदि की व्यवस्था की गई है।हर साल की भांति इस साल यहां की पूजा आकर्षक का केंद्र रहने वाली है।


