Uttam Satya Puja on the fourth day of Paryushan Mahaparva
देहरादून : जैन समाज के लोगों ने पर्युषण महापर्व के चौथे दिन शुक्रवार को उत्तम सत्य पर विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उत्तम सत्य व्रत का पालन करने और दूसरे के साथ विश्वासघात नहीं करने का संकल्प लिया। पर्युषण महापर्व पर पूज्य आर्यिका 105 आनंदमती माताजी व 105 पूज्य क्षुल्लक रत्न समर्पण सागर महाराज के सानिध्य में सभी जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ-साथ शांति धारा हुई।
इस मौके पर पूज्य आनंदमती माता ने कहा कि कषाय के अभाव से सत्य स्वरूप की उपलब्धि होना उत्तम संयम धर्म है। हमें कठोर, कर्कश, मर्मभेदी वचनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जब भी बोलें हित मित प्रिय वचनों का प्रयोग अपने व्यवहार में लाना चाहिए। कठोर वचन सत्य की श्रेणी में नहीं आते। सत्य का संबंध तो अहिंसा से है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश जैन (सूर्या कंस्ट्रक्शन) दीप प्रज्वलन संदीप जैन रामपुर वालों ने किया उत्सव समिति की ओर से स्वागत किया गया।
उत्सव समिति के संयोजक संदीप जैन ने बताया कि 23 सितंबर को दोपहर 1 बजे श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में वादविवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। रात्रि 8:30 बजे जैन भजन पर आधारित नृत्य प्रतियोगिता गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में की जाएगी।


