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Mumbai/Thane : राज ठाकरे को राहत

Mumbai/Thane: Relief for Raj Thackeray

मुंबई/ठाणे : (Mumbai/Thane) महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े चर्चित 2008 रेलवे भर्ती परीक्षा हिंसा मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए ठाणे की सत्र अदालत (Thane Sessions Court) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे (Maharashtra Navnirman Sena (MNS) Chief Raj Thackeray) समेत सभी सह-आरोपितों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा।

कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर उठाए सवाल
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अभिजीत ए. कुलकर्णी (Judge Abhijit A. Kulkarni) ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि गैर-स्थानीय छात्रों पर हुए कथित हमलों में आरोपितों की सीधी भूमिका थी। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पेश की गई वीडियो सीडी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि इनका कानूनी रूप से कोई ठोस मूल्य नहीं है।

राज ठाकरे ने आरोपों से किया था इनकार
सुनवाई के दौरान राज ठाकरे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए थे। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। अदालत ने भड़काऊ भाषण देने के आरोपों से भी उन्हें राहत दे दी।

2008 में रेलवे भर्ती परीक्षा के दौरान हुआ था बवाल
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2008 में रेलवे भर्ती परीक्षा (railway recruitment examinations) के दौरान मनसे कार्यकर्ताओं पर उत्तर प्रदेश और बिहार (Uttar Pradesh and Bihar) से आए अभ्यर्थियों के साथ मारपीट, परीक्षा केंद्रों में घुसकर तोड़फोड़ करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे। इस घटना ने उस समय राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था।

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