
धीरज सिंह
मुंबई : (Mumbai) महापौर रितु तावड़े (Mayor Ritu Tawde) ने मानसून के दौरान शहर को जलजमाव से बचाने के लिए कमर कस ली है। शनिवार को उन्होंने जमीन पर उतरकर विभिन्न वार्डों में चल रहे प्री-मानसून कार्यों का जायजा लिया। महापौर ने स्पष्ट किया कि इस बार काम की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ग्राउंड ज़ीरो पर निरीक्षण
महापौर रितु तावड़े (Mayor Ritu Tawde) ने शनिवार को चेंबूर क्षेत्र का दौरा किया। यहाँ उन्होंने निर्माणाधीन सीसी रोड (CC Road), माहुल नाला, जे. के. नाला और मीठी नदी (Mahul Nullah, J.K. Nullah, and the Mithi River) की सफाई व्यवस्था को व्यक्तिगत रूप से चेक किया। उन्होंने न केवल नालों की गहराई जांची, बल्कि फुटपाथों और ड्रेनेज सिस्टम की गुणवत्ता का भी बारीकी से आकलन किया।
सड़क निर्माण और नाला सफाई पर महापौर की पैनी नजर
प्रशासन ने इस साल मानसून से पहले नालों से कुल 8.28 लाख मीट्रिक टन सिल्ट (कीचड़) निकालने का लक्ष्य रखा है। महापौर ने जानकारी दी कि 1 मई 2026 तक इस लक्ष्य का लगभग 45 प्रतिशत (3.76 लाख मीट्रिक टन) काम पूरा हो चुका है। उन्होंने शेष कार्य को मानसून की शुरुआत से पहले खत्म करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों के निर्माण को लेकर महापौर ने सख्त हिदायत दी कि कंक्रीटीकरण के दौरान सड़क किनारे लगे पेड़ों को नुकसान नहीं पहुँचना चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मानसून के दौरान नई सड़कों पर पानी जमा न हो और ड्रेनेज सिस्टम पूरी क्षमता से काम करे।
सीसीटीवी से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महापौर ने नालों की सफाई के स्थानों पर सीसीटीवी मॉनिटरिंग (CCTV monitoring facilities) की सुविधा देने को कहा है। इससे प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सफाई की वास्तविक स्थिति को लाइव देख सकेंगे, जिससे कागजों पर होने वाली खानापूर्ति पर लगाम लगेगी।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान महापौर ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी कि वे समय-समय पर दोबारा जांच के लिए आएंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि काम की गुणवत्ता में कोई भी कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


