
24×7 एक्सेस और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी पर फोकस
नई दिल्ली : (New Delhi) निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक Axis Bank ने (Axis Bank—a leading private-sector bank) बैंकिंग सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पहली डिजिटल लॉकर-केंद्रित शाखा (first digital locker-centric branch) की शुरुआत की है। बैंक का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ऑटोमेटेड लॉकर सेवाओं के जरिए ग्राहकों को अधिक सुरक्षित, सहज और आधुनिक अनुभव उपलब्ध कराना है।
बैंक द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह नई शाखा सुरक्षित बैंकिंग की परिभाषा को नए स्तर पर ले जाने का प्रयास है। इसमें उन्नत ऑटोमेशन, हाई-एंड सिक्योरिटी सिस्टम और अत्याधुनिक लॉकर सुविधाओं (advanced automation, high-end security systems, and state-of-the-art locker facilities) को एकीकृत किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही सेफ डिपॉजिट लॉकर की मांग को ध्यान में रखते हुए इस मॉडल को विकसित किया गया है।
पूरी तरह आटोमेटेड लाकर सिस्टम
नई शाखा में पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड लॉकर सिस्टम (digital and automated locker system) लगाया गया है, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित और आसान पहुंच मिलती है। इसमें मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, सेंसर-आधारित सुरक्षा तंत्र और सेंट्रली मॉनिटर किया जाने वाला वॉल्ट शामिल है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि ग्राहक 24×7 अपने लॉकर तक पहुंच बना सकते हैं, जो पारंपरिक बैंकिंग समय-सीमा से आगे की सुविधा प्रदान करता है।
एक्स पर बैंक ने शेयर की जानकारी
बैंक ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस पहल को साझा करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी के रोबोटिक स्मार्ट लॉकर (robotic smart lockers) के साथ ग्राहक बैंकिंग सुरक्षा के भविष्य का अनुभव कर सकते हैं। बेहतर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और छह-पॉइंट सेंसर सिस्टम से लैस यह तकनीक ग्राहकों की कीमती वस्तुओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आसान उपलब्धता भी सुनिश्चित करती है।
2030 तक छह करोड़ लॉकर की जरूरत
इस शाखा का उद्घाटन (M. Nagaraju) ने किया। इस अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक (Amitabh Chaudhry) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी उपस्थित रहे। भारत में बैंक लॉकर की मांग तेजी से बढ़ रही है, विशेषकर मेट्रो और बड़े शहरों में। एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक करीब 6 करोड़ लोगों को बैंक लॉकर की आवश्यकता होगी, जबकि वर्तमान में देश में केवल लगभग 60 लाख लॉकर ही उपलब्ध हैं। इससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़े अंतर की स्थिति स्पष्ट होती है।


