
दुबई/एथेंस : (Dubai/Athens) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे व्यापारिक पोतों पर अब एक नया खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा मिसाइलों या समुद्री लुटेरों का नहीं बल्कि साइबर ठगों का है। यूनानी समुद्री जोखिम फर्म मार्क्स (Greek maritime risk firm, Marx) ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि ठग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर शिपिंग कंपनियों को लूट रहे हैं। ये ठग फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले बिटकॉइन और टीथर जैसी क्रिप्टोकरेंसी (transit fees—payable in cryptocurrencies such as Bitcoin and Tether) में पारागमन शुल्क (ट्रांजिट फीस) की मांग कर रहे हैं।
ठगी का तरीका
कंपनियों को ईमेल भेजकर कहा जाता है कि वे अपने जहाज के दस्तावेज ईरानी सुरक्षा सेवाओं को समीक्षा के लिए सौंपें। दस्तावेज मिलने के बाद ठग एक ट्रांजिट फीस तय करते हैं। इसके बदले वे सुरक्षित मार्ग का संदेश भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है- फीस मिलने के बाद ही आपका जहाज बिना किसी बाधा के तय समय पर जलडमरूमध्य को पार कर सकेगा।
एक जहाज बन चुका है शिकार
एक जहाज ने झांसे में आकर इन ठगों को भुगतान भी कर दिया था। 18 अप्रैल को जब ईरान ने जांच के लिए होर्मुज का मार्ग खोला तो जिन जहाजों ने इन फर्जी निर्देशों का पालन किया था, उन्हें भी ईरानी गश्ती नौकाओं की गोलीबारी का सामना करना पड़ा और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे साफ हो गया कि भुगतान लेने वाले लोग ईरानी प्रशासन से नहीं थे।
आंकड़ों में बढ़ता डिजिटल अपराध
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है, जो वर्तमान में युद्ध की वजह से बंद पड़ा है। इसी मजबूरी का फायदा ठग उठा रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया की हर हलचल का हिसाब रखने वाली संस्था डेफीलामा के डाटा के अनुसार, अकेले अप्रैल 2026 में क्रिप्टो हैकिंग और स्कैम (crypto hacks and scams) से होने वाला नुकसान करीब ₹5000 करोड़ के पार पहुंच चुका है।


