
देहरादून : (Dehradun) ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham—the eleventh Jyotirlinga) के कपाट बुधवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। निर्धारित मुहूर्त के अनुसार प्रातः 8 बजे कपाट खुलते ही “हर-हर महादेव” (“Har Har Mahadev”) के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे शुरू हुई और प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नाम से संपन्न कराई गई। उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami) सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।
मंदिर परिसर को इस वर्ष 51 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया, जबकि कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के मद्देनजर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
2025 में आए थे दस लाख श्रद्धालु
चारधाम यात्रा से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यात्रा के दौरान 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि 2026 में इस संख्या के और बढ़ने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए विशेष प्रबंधन किए गए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने की अपील की।
धाम से जुड़ी परंपरा के अनुसार, भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली (Panchmukhi Doli) शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड (Omkareshwar Temple in Ukhimath—via Guptkashi, Phata, and Gaurikund) होते हुए एक दिन पहले धाम पहुंची थी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के चलते आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।


