
गिरफ्तारी पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार
मुंबई : (Mumbai) नासिक की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) (TCS) इकाई में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के दबाव के गंभीर आरोपों ने आईटी जगत और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल को नासिक की जिला अदालत (Nashik District Court) ने मामले की मुख्य आरोपी निदा खान (accused, Nida Khan) को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा और अग्रिम जमानत की मांग की थी। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी (Additional Sessions Judge K.G. Joshi) ने अंतरिम याचिका पर कोई आदेश देने के बजाय, पुलिस और शिकायतकर्ताओं को 27 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
एसआईटी का ‘एक्शन मोड’
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (Team (SIT) of the Nashik Police) छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के नौ अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है। निदा खान की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर रही हैं। मामले में अब तक एक महिला प्रबंधक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


