
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly elections) 2026 के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपनी उम्मीदवार सूची में 47 मुस्लिम प्रत्याशियों को जगह दी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला राज्य के महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक वोट बैंक को ध्यान में रखकर लिया गया है। मंगलवार शाम को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) ने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
2011 की जनगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में लगभग 27 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय (Muslim community) के लोग हैं। राज्य की लगभग 75 विधानसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा करीब 50 अन्य सीटों पर भी इनकी संख्या प्रभावशाली मानी जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस ने इसी सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए 291 घोषित उम्मीदवारों में से 47 मुस्लिम चेहरों को मौका दिया है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) की पहली उम्मीदवार सूची में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को स्थान नहीं मिला है, जिसे तृणमूल चुनाव प्रचार में मुद्दा बना सकती है।
राज्य के मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों की कई सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं का निर्णायक प्रभाव माना जाता है। इसके अलावा उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा उत्तर दिनाजपुर के कई क्षेत्रों में भी अल्पसंख्यक मतदाता चुनावी मुकाबले को प्रभावित करते रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस इस रणनीति के जरिए अपने पारंपरिक अल्पसंख्यक समर्थन आधार को और मजबूत करना चाहती है तथा चुनाव में इसका लाभ लेने की कोशिश करेगी।


