
नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) (National Commission for Women) ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न एवं यौन उत्पीड़न से जुड़ी एक घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी थी। आयोग ने शनिवार को एक बयान में इस घटना की कड़ी भर्त्सना की। आयोग ने कहा कि यह घटना छात्रा के जीवन, गरिमा एवं अधिकारों का घोर उल्लंघन है तथा शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करता है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर (NCW Chairperson Vijaya Rahatkar) ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी पंजीकरण, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीड़िता के पोस्टमार्टम एवं चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023, यौन उत्पीड़न निरोधक कानूनों एवं रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, दोषी, लापरवाह संकाय सदस्यों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, महाविद्यालय में एंटी-रैगिंग तंत्र की समीक्षा तथा परिसर सुरक्षा, जागरूकता एवं परामर्श व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


