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Ujjain: जिले में सोयाबीन का रकबा इस बार पांच हजार हेक्टेयर

उज्जैन:(Ujjain) जिले में किसान इस बार खेतों में सोयाबीन की फसल बोने की तैयारी कर चुके हैं। जिले में सोयाबीन का रकबा इस बार पांच हजार हेक्टेयर के लगभग रहेगा। जहां पिछले तीन दिनों से बारिश हुई है, वहां के किसानों ने बोवनी शुरू कर दी है।

शहरी क्षेत्र में अभी लगभग 2 इंच पानी गिरा है। इस वजह से वे तथा अन्य के साथ सोयाबीन की बोनी के लिए तीन-चार दिन और इंतजार करेंगे। दूसरी ओर जिले में तराना तथा नागदा में मानसून की शुरुआती बारिश जिले की अन्य तहसीलों के मुकाबले अधिक रही है। तराना तहसील में तो करीब सवा तीन इंच के लगभग पानी गिर चुका है। इसके साथ ही तहसील के अधिकांश क्षेत्रों में खेतों में सोयाबीन की फसल बोने के लायक नानी आ गई है। यह देखते हुए क्षेत्र के किसानों ने अपने खेतों में सोयाबीन की उपज बोना शुरू कर दिया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गत वर्ष जिले में करीब सवा 4000 हेक्टेयर के दायरे में सोयाबीन की उपज बोई गई थी। वहीं इस वर्ष करीब 5000 हेक्टेयर के दायरे में जिले में सोयाबीन की फसल बोने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जिले के जिन क्षेत्रों में 4 इंच के लगभग बारिश हो चुकी है वहां के किसान उपज बो सकते हैं। जबकि जहां से कम पानी बरसा है। वहां के किसानों को कुछ इंतजार करना होगा। खेतों में पर्याप्त नमी के बाद ही सोयाबीन की उपज बोई जाए।

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कृषि विभाग के अनुसार ने चिंतामन जवासिया स्थित खेत में किसानों ने कुछ दिन पहले सोयाबीन की फसल बोई थी। हालांकि ये जल्दबाजी है।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

कृषि विभाग के अनुसार जिले में जिन किसानों के खेतों में अभी पर्याप्त नमी के लायक बारिश नहीं हुई है। उन्हें 4 इंच बारिश होने तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा खेतों में सोयाबीन के वही बीज बोए जाएं जो 70 प्रतिशत अंकुरण की क्षमता रखते हो। इसके अलावा पौधे आने पर खेतों में बारिश के पानी की निकासी के भी पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। ताकि जलजमाव की स्थिति खेतों में ना बने और सोयाबीन के पौधे सड़े नहीं।

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