कोलकाता : शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित युवा नेता कुंतल घोष और तापस मंडल में एक बार फिर कोर्ट में जुबानी जंग हुई है। दोनों को प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल के लॉकअप से लाकर एक बार फिर विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। यहां तापस ने दावा किया कि संतु गांगुली नाम का एक और एजेंट है जो कुंतल घोष का शागिर्द है। उसी ने करोड़ों रुपये की वसूली कर कुंतल तक पहुंचाया है। इसके बाद जब कुंतल मीडिया के सामने आए तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से बेबुनियाद बातें हैं। असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। मैंने मीडिया के सामने बताया कि केंद्रीय एजेंसी मुझ पर अत्याचार कर रही है। प्रभावशाली लोगों का नाम (अभिषेक बनर्जी) लेने का दबाव बना रही है। उस मामले में मुझे अभी तक न्याय नहीं मिला है।
उधर तापस ने कहा कि मैं यह बात भली-भांति जानता हूं कि संतु गांगुली कोई और नहीं बल्कि कुंतल घोष का ही बेहद खास एजेंट रहा है। वह रुपये ले जाकर कुंतल को दिया करता था।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल की है जिसमें इस मामले में गिरफ्तार पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी एक और एजेंट संतु गांगुली के बारे में जिक्र किया गया है। ईडी ने बताया है कि संतु के जरिए ही करोड़ों रुपये पार्थ तक पहुंचाए गए हैं। इसी मामले में अब तापस और कुंतल ने एक दूसरे पर हमला बोला है। दोनों को आज एक बार फिर कोर्ट में पेश किया गया जहां से इनकी जमानत याचिका फिर खारिज की गई है।


