भोपाल : एक बार फिर मध्य प्रदेश के ‘एंटी टेररिज्म स्क्वॉड’ के हाथों बड़ी सफलता लगी है। मध्य प्रदेश में एटीएस चीफ आदर्श कटियार और उनकी टीम ने जिस आतंकवादियों के मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, वह गैर मुसलमानों के लिए इतना सख्त है कि भारत में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के स्थान पर इस्लामिक शरिया कानून लाना चाहता है। इस इस्लामिक चरमपंथी आतंकी संगठन का नाम हिब्ज-उत-तहरीर (एचयूटी) है।
उन्होंने बताया कि ये सभी खतरनाक मानसिकता रखने वाले गिरफ्तार चरमपंथी जिम ट्रेनर, कम्प्यूटर टेक्नीशियन, दर्जी, ऑटो ड्राइवर आदि के रूप में आमजन के मध्य रहकर अपने कार्य कार्य को अंजाद दे रहे थे, जिसमें एक तो भोपाल के कोहेफिजा में ‘एडुफोरम ट्यूटोरियल्स’ नाम से अपना कोचिंग सेंटर चला रहा था। उन्होंने बताया कि शिक्षा के माध्यम से इस्लामिक जिहाद फैलाने का प्रयास किया जा रहा था। एक एनजीओ से जुड़ा हुआ नाम भी सामने आया है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश एटीएस ने पिछले 24 घण्टों में कई स्थानों पर छापामारी कर राज्य में गुपचुप तरीके से पनप रहे हिब्ज-उत-तहरीर (HuT) संगठन के 16 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये राज्य के जंगलों का इस्तेमाल रायफल चलाने के प्रशिक्षण के लिए कर रहे थे। इसके पास से मिले देशविरोधी दस्तावेज, तकनीकी उपकरण, कट्टरवादी साहित्य और अन्य जब्त की गई तमाम सामग्री इनके आतंक के रास्ते पर चलने का पुख्ता प्रमाण दे रहे हैं। हिब्ज-उत-तहरीर अथवा तहरीक-ए-खिलाफत संगठन का नेटवर्क 60 से अधिक देशों में फैला हुआ है। इस संगठन पर 16 देशों में प्रतिबंध लग चुका है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
भोपाल से गिरफ्तार किए गए संगठन के सदस्यों में यासिर खान 29 वर्ष निवासी शाहजनाबाद भोपाल (जिम ट्रेनर), सैयद सामी रिजवी 32 वर्ष निवासी मेलेनियम हेबिटेट शहीद नगर, भोपाल (कोचिंग टीचर), शाहरूख निवासी जवाहर कॉलोनी ऐशबाग भोपाल (दर्जी), मिस्बाह उल हक 29 वर्ष निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (मजदूरी), शाहिद निवासी जवाहर कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (ऑटो ड्राइवर), सैयद दानिश अली निवासी सोनिया गांधी कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), मेहराज अली 25 वर्ष निवासी मसूद भाई का मकान, ऐशबाग, भोपाल (कम्प्यूटर टेक्नीशियन), खालिद हुसैन 40 वर्ष निवासी बारेला गांव लालघाटी भोपाल, (टीचर और व्यवसायी), वसीम खान निवासी उमराव दूल्हा, ऐशबाग, भोपाल, मोहम्मद आलम 35 वर्ष निवासी नूरमहल रोड, चौकी इमामबाड़ा, भोपाल और करीम निवासी छिंदवाड़ा (प्रायवेट नौकरी) करने वाले हैं जोकि आमजन के मध्य कार्य करते हुए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
आरोपितों को 19 मई तक के लिए रिमांड पर भेजा
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि ‘भोपाल से गिरफ्तार किए गए कट्टरपंथी संगठन हिब्ज-उत-तहरीर से जुड़े 11 लोगों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। हैदराबाद से गिरफ्तार पांच अन्य सदस्यों को भोपाल लाया जा रहा है।’ उन्होंने बताया कि पांच जो लोग हैदराबाद (तेलंगाना) से गिरफ्तार किए गए, उन्हें भी पुलिस पार्टी भोपाल ला रही है। इन सभी की फडिंग की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपितों को 19 मई तक के लिए रिमांड पर भेजा गया है।
गृहमंत्री ने बताया कैसे लेते थे ये आतंकी जंगलों में रायफल का प्रशिक्षण
डॉ. नरोत्तम मिश्रा बताते हैं कि ‘ये लोग मध्य प्रदेश में जिला रायसेन के जंगलों में कैंप करके गोलीबारी का प्रशिक्षण लेते थे। कैंप में हैदराबाद से आए संगठन के दक्ष प्रशिक्षक शामिल सदस्यों को ट्रेनिंग देते थे। गोपनीय रूप से दर्श (धार्मिक सभा) आयोजित कर भड़काऊ तकरीरें व जेहादी साहित्य का वितरण किया जाता था। ये आपस में बातचीत करने के लिए डार्क वेब में प्रचलित विभिन्न कम्युनिकेशन ऐप जैसे ‘रॉकेट चैट’, ‘श्रीमा’ एवं अन्य ऐप का उपयोग करते थे, जिनका उपयोग अधिकतर आतंकी संगठन जैसे ‘आईएसआईएस द्वारा भी किया जाता है।
एचयूटी के खिलाफ देश में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल के शाहजहांनाबाद, ऐशबाग, लालघाटी और पिपलानी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिब्ज-उत-तहरीर से जुड़े कई सदस्यों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है, जोकि देश की अब तक की इस आतंकी संगठन को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। राजधानी भोपाल से दस तो राज्य के छिंदवाड़ा जिले से एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया। साथ ही तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से पांच सदस्यों को अभिरक्षा में लिया गया है। मप्र पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ यूएपीए एवं अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
संगठन की आतंकी योजना
संगठन की योजना ज्यादा से ज्यादा नवयुवकों को अपने संगठन से जोड़ने और उन्हें हिंदुओं के विरुद्ध जेहाद के लिए तैयार करना था। बड़े शहरों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बड़ी घटना को अंजाम देकर लोगों में भय पैदा करने की मंशा थी। इसके लिए संगठन के सदस्यों द्वारा भारत के बड़े शहरों को चिन्हित किया गया था। वे विभिन्न स्थानों पर ड्रोन से टारगेट और क्षेत्र की रेकी करते थे। रेकी के पश्चात क्षेत्र का नक्शा तैयार कर घटना घटित करने की योजना तैयार कर रहे थे।
मंसूबों को हम कभी पूरा नहीं होने देंगे : शिवराज सिंह चौहान
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश भर के पुलिस अधिकारियों की बैठक कर उन्हें सख्त निर्देश दिए थे कि प्रदेश में कट्टरता नहीं सही जाएगी। उन्होंने इस बैठक में साफ शब्दों में कहा था ‘राज्य में अवैध रूप से चल रहे उन मदरसों और संस्थानों का रिव्यू किया जाएगा, जहां कट्टरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है।’ उन्होंने बुधवार एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा है, ‘अशांति फैलाने वाले अराजक तत्वों के मंसूबों को हम कभी पूरा नहीं होने देंगे।


