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Arunachal : इटानगर में 72 घंटे के बंद के पहले दिन पसरा सन्नाटा

इंटरनेट सेवाएं बंद, कई बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया
इटानगर: (Itanagar)
अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर पैन अरुणाचल संयुक्त संचालन समिति (पीएजेएसएस) काफी समय से आंदोलनरत है। अब इसी मांग के समर्थन में नारी शक्ति नामक संगठन ने बुधवार से 72 घंटे के इटानगर बंद का आह्वान किया है।

बुधवार को इटानगर में बंद का व्यापक प्रभाव देखा गया। इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। अस्पतालों और कुछ आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर इटानगर क्षेत्र पूरी तरह से सुनसान है। इक्का-दुक्का निजी वाहनों के अलावा कोई गाड़ी नहीं चल रहे हैं, दुकानें और सरकारी संस्थान भी पूरी तरह से बंद हैं। पूरी राजधानी सुनसान है। पुलिस प्रशासन ने संभावित हिंसा होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के बेहद पुख्ता कदम उठाए हैं। बंद का आह्वान करने वालों पर पिछले दो दिनों से लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक रोहित राजबीर सिंह ने बताया है कि मंगलवार शाम तक 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इस बीच, इटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) के जिला मजिस्ट्रेट तलो पोटम ने बताया कि जिला प्रशासन ने अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 2014 को लागू किया है। उन्होंने कहा कि बंद के आह्वान को हाई कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है। वर्ष 1997 की सिविल अपील संख्या 7728/29 में भारत के सुप्रीम कोर्ट (सीवीएलवीआरएस भरत कुमार और अन्य) ने किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या संघ या समूह या व्यक्ति द्वारा किसी भी बंद के आह्वान को असंवैधानिक और अवैध घोषित किया है। उन्होंने कहा कि इस आहूत बंद अवैध होने के कारण संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पोटम ने कहा कि इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। कानून के तहत पुलिस आदेश का उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तार या हिरासत में ले सकती है। बंद का आह्वान करने वाले नेताओं समेत कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।एसडीपीओ कामदम सिकोम ने चेतावनी देते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों विशेषकर चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों और आम नागरिकों को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इसी बीच मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में अशांत स्थिति का समाधान खोजने के लिए बुधवार को इटानगर में नागरिक सचिवालय में पीएजेएसएस के पदाधिकारियों के साथ तीन घंटे की बैठक की। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सहित कुछ शीर्ष अधिकारी भी थे।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 18 फरवरी को आंदोलनकारी पैन अरुणाचल संयुक्त संचालन समिति की सभी मांगों पर पहले ही सहमति दे दी थी। सरकार के सभी मांगों को पूरा करने के आश्वासन के बावजूद 72 घंटे के बंद का आह्वान क्यों किया गया है।

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