
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
वाशिंगटन:(Washington) अमेरिका में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी (Opposition Republican Party in America) ने बुधवार को 435 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में मामूली बढ़त के साथ बहुमत हासिल कर लिया।
इस बदलाव के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (President Joe Biden) के बाकी बचे दो साल के कार्यकाल में उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन में अड़चनें आने की आशंका है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की 211 सीटों के मुकाबले रिपब्लिकन पार्टी के पास अब 218 सीटें हैं। छह सीटों पर गणना अब भी जारी है। इनके परिणाम आने पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मतदान आठ नवंबर को हुआ था।
रिपब्लिकन पार्टी को मध्यावधि चुनाव के बाद दोनों सदन में बहुमत हासिल करने की उम्मीद थी, लेकिन वह अपनी उम्मीदों के मुताबिक नतीजे हासिल नहीं कर पाई। हालांकि कैलिफोर्निया के 27वें जिले में जीत दर्ज कर उसने प्रतनिधि सभा में बुधवार को बहुमत हासिल कर लिया।
रिपब्लिकन पार्टी ने एक दिन पहले ही केविन मैक्कार्थी को सदन में अपना नेता चुना था। मैक्कार्थी डेमोक्रेटिक पार्टी की नैन्सी पेलोसी की जगह प्रतिनिधि सभा के नए अध्यक्ष बन सकते हैं।
मैक्कार्थी ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘अमेरिकी लोग नई दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हैं और प्रतिनिधि सभा इसके लिए काम करने को तैयार है।’’
सीनेट में बहुमत अब भी डेमोक्रेटिक पार्टी के पास है। 100 सदस्यीय सीनेट में उसके पास 50 सीटें हैं और अगले महीने जॉर्जिया के ‘रन ऑफ’ मुकाबले में भी उसके जीत दर्ज करने के आसार हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (76) के तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की घोषणा करने के एक दिन बाद पार्टी ने प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को बधाई दी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदन में बहुमत हासिल करने पर रिपब्लिकन पार्टी के नेता मैक्कार्थी को बधाई देता हूं। मैं कामकाजी परिवारों के लिए प्रतिनिधि सभा के साथ मिलकर काम करने को तैयार हूं।’’
बाइडन (79) ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले सप्ताह हुए चुनाव ने अमेरिकी लोकतंत्र की ताकत और लचीलेपन को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। चुनाव से इनकार करने वालों, राजनीतिक हिंसा और डराने-धमकाने को व्यापक तौर पर अस्वीकार किया गया। ऐसा जोर देकर कहा जा रहा था कि अमेरिका में लोगों की इच्छा की जीत होगी।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस चुनाव में मतदाताओं ने अपनी चिंताएं स्पष्ट रूप से जाहिर की हैं…कीमतें कम करने, चयन के अधिकार की रक्षा करने और लोकतंत्र को संरक्षित करने की जरूरत है।
बाइडन ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने पिछले सप्ताह भी कहा था कि भविष्य में राजनीतिक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी लोग चाहते हैं कि हम उनके लिए काम करें। वे चाहते हैं कि हम उनसे जुड़े मुद्दों और उनका जीवन बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेटिक, जो भी लोगों की सेवा के लिए मेरे साथ काम करने को इच्छुक हैं, मैं उनके साथ काम करने को तैयार हूं।’’
रिपब्लिकन पार्टी ने करीब चार साल के अंतराल के बाद प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल किया है। 2018 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने उसे पछाड़ते हुए सदन में बहुमत हासिल किया था। रिपब्लिकन पार्टी 2010 से 2018 तक प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत बनाए रखने में सफल रही थी।
रिपब्लिकन के प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने का मतलब है कि बाइडन को अपने बाकी बचे कार्यकाल में कई अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। रिपब्लिकन तथा डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच ऋण सीमा बढ़ाने और यूक्रेन को अधिक सहायता प्रदान करने सहित कई मुद्दों पर गतिरोध होने की आशंका है।


