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Kuwait City/Tehran/Washington : होर्मुज में बढ़े तनाव के बीच ईरान का एक और जहाज पर हमला

Kuwait City/Tehran/Washington: Iran Attacks Another Ship Amid Rising Tensions in the Strait of Hormuz

कुवैत सिटी/तेहरान/वाशिंगटन : (Kuwait City/Tehran/Washington) ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपनी सैन्य ताकत का एहसास कराना शुरू कर दिया है। ईरान ने अपने बंदरगाहों की अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी के बीच आज एक जहाज पर गोलियों की बौछार कर दी। इससे जहाज का ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। यह हमला ईरान से आठ नॉटिकल मील (15 किलोमीटर) दूर पश्चिम में किया गया। इस जहाज पर 30 मिनट तक गोलीबारी की गई। जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति (U.S. President) ने लड़ाई रोकने के लिए नए संघर्ष विराम की घोषणा की है। इस पर ईरान ने कहा कि उसे ट्रंप की बात पर रत्ती भर यकीन नहीं है।

अल जजीरा, एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कुछ घंटे पहले ही ओमान से 15 नॉटिकल मील (28 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में एक और मालवाहक जहाज ‘यूफोरिया’ पर गोलीबारी की गई है। इसमें पनामा के झंडे लगे हैं। गोलीबारी में इस जहाज के ब्रिज को काफी नुकसान पहुंचा है। इस जहाज का मालिकाना हक यूएई की एक कंपनी के पास है। इस जहाज को जलडमरूमध्य से गुजरकर अपने गंतव्य सऊदी अरब के जेद्दा शहर पहुंचना था। हमले के बाद कप्तान ने जहाज को रोक दिया। बताया जा रहा है कि जहाज का चालक दल सुरक्षित है। आज सुबह खाड़ी क्षेत्र में जिस दूसरे जहाज पर गोलीबारी हुई है, यह वही है। इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ग्रीस के मालिकाना हक वाले एक जहाज पर गोलीबारी की थी।

‘यूफोरिया’ के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वह सऊदी अरब के दम्मम बंदरगाह से निकला था और सिंगापुर की ओर जा रहा था। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने कहा कि ‘यूफोरिया’ को ईरान समुद्री कानूनों का पालन करवा रहा था। ‘यूफोरिया’ के चालक दल ने चेतावनियों पर कोई ध्यान नहीं दिया। एजेंसी ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नई व्यवस्था बनाई है।

ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (United Kingdom Maritime Trade Operations) केंद्र ने कहा है कि ‘यूफोरिया’ पर हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में हलचल तेज हो गई है। उस पर हमला रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक गनबोट से किया गया। हमले में जहाज के ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है। उन्होंने कहा कि यह तब तक जारी रहेगी जब तक तेहरान बातचीत के लिए कोई प्रस्ताव पेश नहीं कर देता।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Deputy Foreign Minister, Abbas Araqchi) ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करना युद्ध की कार्रवाई है और यह सीज फायर का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि तेहरान जानता है कि उसे कैसे मुकाबला करना है। उन्हें ट्रंप की किसी बात पर भरोसा नहीं है। इस बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बातचीत की मेज पर लाने के लिए अंतिम प्रयासों जुटा है। ईरान का एक जहाज अमेरिका के कब्जे में है। ईरान ने कहा कि अमेरिका इस जहाज को पहले मुक्त कर उसे सौंपे, तब नए सिरे से बातचीत के लिए सोचा जा सकता है।

महत्वपूर्ण होता है मालवाहक जहाज का ब्रिज-

वह मुख्य कमांड सेंटर या नियंत्रण कक्ष होता है। यहीं से कप्तान और नेविगेशन अधिकारी पूरे जहाज का संचालन करते हैं। इसे जहाज का “नर्व सेंटर” भी कहा जाता है। यह आमतौर पर जहाज के सुपर स्ट्रक्चर (ऊपरी ढांचे) के सबसे ऊंचे हिस्से पर स्थित होता है ताकि वहां से समुद्र और जहाज के आसपास का स्पष्ट दृश्य मिल सके। इसी कक्ष से जहाज की दिशा, गति और स्थिति को नियंत्रित किया जाता है। इसमें स्टीयरिंग व्हील (पतवार), इंजन कंट्रोल और संचार प्रणालियां होती हैं। आज के डिजिटल युग में ब्रिज पर रडार, जीपीएस, इको-साउंडर, ऑटो-पायलट और इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले जैसे उन्नत उपकरण लगे होते हैं। खराब मौसम या भारी ट्रैफिक वाले समुद्री रास्तों में सुरक्षित नेविगेशन के लिए ब्रिज पर हमेशा एक अधिकारी ड्यूटी पर रहता है। आपातकालीन स्थिति के दौरान ब्रिज ही वह जगह होती है जहां से संकट के संकेत भेजे जाते हैं और चालक दल को निर्देश दिए जाते हैं। सरल शब्दों में जैसे कार में ड्राइवर की सीट और डैशबोर्ड होता है या विमान में कॉकपिट, वैसे ही जहाज को चलाने और संभालने के लिए ब्रिज होता है।

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