शिमला : (Shimla) हिमाचल सचिवालय के मुख्य सचिव कार्यालय (Chief Secretary’s office of Himachal Secretariat) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शिमला पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद सचिवालय परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच के लिए साइबर सैल को एक्टिव किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय से विशेष साइबर कमांडो की टीम भी भेजी गई है।
शिमला पुलिस की साइबर क्राइम शाखा (cyber crime branch of Shimla Police) को इस मामले की जांच सौंपी गई है। साइबर सैल ने ईमेल की तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से और किसने भेजा है। वहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने भी जांच में सहयोग के लिए विशेष साइबर कमांडो शिमला भेजे हैं ताकि जांच में तेजी लाई जा सके और जल्द से जल्द दोषी को पकड़ा जा सके।
पुलिस के मुताबिक यह धमकी बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को भेजी गई। मेल में सचिवालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी जिसके बाद रातोंरात पूरे सचिवालय परिसर को खाली करवा कर बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना (Chief Secretary Prabodh Saxena) ने बताया कि इसी तरह की एक और धमकी भरा मेल मंडी के उपायुक्त को भी भेजा गया था। दोनों ईमेल की भाषा और शैली लगभग समान है जिससे संदेह है कि दोनों मेल एक ही व्यक्ति या समूह द्वारा भेजे गए हैं। विशेष बात यह है कि इन धमकियों में तमिलनाडु में किसी बड़ी घटना के साथ बम धमाकों की टाइमिंग को जोड़ने की बात कही गई है। इस संभावित लिंक की भी जांच की जा रही है।
धमकी के बाद सचिवालय में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी गेटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आने-जाने वालों की सघन चेकिंग हो रही है और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सचिवालय भवन को पूरी तरह सैनिटाइज भी किया गया है ताकि कोई चूक न रह जाए। उधर मंडी में भी इसी तरह की प्रक्रिया पहले ही अपनाई जा चुकी है, जहां मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय को धमकी मिली थी। वहां भी बम डिस्पोजल और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी अभियान चलाया था।
मुख्य सचिव ने बताया कि धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से भी मदद मांगी गई है। उन्होंने कहा कि ईमेल ट्रेस करने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की सहायता ली जा रही है और जल्द ही पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


