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New Delhi : महिला आरक्षण, मोदी है तो मुमकिन है: अनुराग ठाकुर

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ठाकुर बोले- आधी आबादी को उनका हक दिलाकर प्रधानमंत्री ने अभिनंदनीय कार्य किया

महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस के इरादे और नीयत पर उठाए सवाल

नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल को क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कांग्रेस की गठबंधन की सरकारें सत्ता में रहीं, पूर्ण बहुमत की भी सरकारें रहीं, लेकिन महिला आरक्षण पर कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आधी आबादी – नारी शक्ति को उनका हक देकर अभिनंदनीय कार्य किया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज मंगलवार को नए संसद भवन में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया। इस बिल को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया है। इस बिल में लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार के ऐतिहासिक कार्य को मूर्त रूप देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की महिलाओं को और सशक्त करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन और सरकार में महिला नेतृत्व और विकास पर बल देती है।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ओर से आधी आबादी की नेतृत्व में भागीदारी के लिए गये इस निर्णय की जितनी सराहना की जाये कम है। संसद में 33 फीसदी महिला आरक्षण ना सिर्फ़ महिलाओं का मनोबल बढ़ाएगी बल्कि राजनीति में नारी शक्ति की भागीदारी बढ़ाने, समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण में उन्हें आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि अगर आंकड़ें देखें तो स्पष्ट है कि राज्यों की विधानसभाओं में मुश्किल से 5-10 प्रतिशत महिलाएं आती हैं, वहीं लोकसभा में बमुश्किल 15 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिखता है। लेकिन मोदी सरकार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लेकर आई है। मोदी सरकार ने जहां एक तरफ खाते खोले, करोड़ों बहनों को मुफ्त इलाज, मुफ्त अनाज दिया, लखपति दीदियां बनाने के बाद भी सत्ता में भागीदारी और महिला नेतृत्व को बढ़ाने के लिए आरक्षण लाया गया, जो आज तक कोई नहीं कर पाया।

वहीं कांग्रेस पार्टी को निशाने पर लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ खेल खेलने का काम किया। वर्ष 2008 में कांग्रेस बिल तो लेकर आई लेकिन स्टैंडिंग कमेटी में भेज दिया। दो साल बाद भी उनके सहयोगियों ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर बिल को पास करना होता को पास करना ही होता बिल तो 2010 में कर दिए होते। इनके इरादे नेक नहीं थे और नीयत में भी खोट था।

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