
नई दिल्ली : (New Delhi) कड़कड़डूमा कोर्ट (Karkardooma Court) ने दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा (murder case of IB officer Ankit Sharma) की हत्या के मामले में फैसला टाल दिया है। एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने जुलाई में फैसला सुनाने का आदेश दिया।
इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा हसीन ऊर्फ मुल्लाजी ऊर्फ सलमान, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम ऊर्फ बॉबी और मुंतजिम ऊर्फ मुसा को आरोपित बनाया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने 3 जून, 2020 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में कहा गया कि 24 और 25 फरवरी, 2020 को ताहिर हुसैन ने अपने घर और चांद बाग पुलिया के पास मस्जिद से भीड़ का नेतृत्व किया और उसे सांप्रदायिक रुप दिया। चार्जशीट में कहा गया था कि अंकित शर्मा हत्या (murder Ankit Sharma) के लिए साजिश रची गई थी। अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने खास रुप से टारगेट किया। खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर वारदात हुई। शर्मा की हत्या के बाद भीड़ ने एक नाले में लाश फेंक दी।
पुलिस के मुताबिक अंकित शर्मा के पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने पाया था कि तेज धार वाले हथियार से 51 वार के निशान हैं। ताहिर ने ही चांद बाग इलाके (Chand Bagh area) में भीड़ को उकसाया। चार्जशीट में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है। दिल्ली पुलिस ने अंकित के पिता के बयान पर ताहिर हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 365, 201 और धारा 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उसके घर की छत से काफी मात्रा में हिंसा में इस्तेमाल किए गए सामान बरामद किए गए। फरवरी, 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।


