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New Delhi : रेलवे टेंडर घोटाला के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 16 अप्रैल को आरोप तय करेगा कोर्ट

नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने रेलवे टेंडर घोटाला (railway tender scam) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने पर गुरुवार को फैसला टाल दिया है। कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। स्पेशल जज विशाल गोगने (Special Judge Vishal Gogne) ने अब मामले पर फैसला 16 अप्रैल को सुनाने का आदेश दिया।

कोर्ट ने 28 जनवरी, 2019 को ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। इसके बाद 19 जनवरी, 2019 को कोर्ट ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित बनाया है।

लालू यादव (Lalu Yadav) पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल (company, Sujata Hotels) को ट्रांसफर कर दिया था।

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