नई दिल्ली : स्क्रेप डीलर को उसके कारोबार वाली कंपनी का फर्जी ई-मेल भेजकर लाखों रुपये की ठगी करने की गुत्थी को उत्तरी जिले के साइबर थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान जबरपाल (22) और राहुल शर्मा (23) के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं।
आरोपितों ने फर्जी पते पर 10 बैंक अकाउंट खुलवाने के अलावा कई सिमकार्ड निकलवाए हुए थे। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन, दो डेबिट कार्ड के अलावा अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले में कुछ और आरोपितों की तलाश है। डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि तिमारपुर निवासी अजय खंडेलवाल नामक स्क्रेप कारोबारी ने ठगी की एक शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनका कोलकाता की एक कंपनी के साथ कारोबार है। माल और रुपयों की बातचीत ई-मेल के जरिये होती है।
पिछले दिनों कंपनी के ई-मल से मिलता-जुलता एक फर्जी ई-मेल उनके पास आया। धोखे से उस मेल के आधार पर पीड़ित ने आरोपितों को 3.64 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उनको ठगी का पता चला। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साइबर थाना टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पड़ताल शुरू की।
जांच में पता चला कि ई-मेल आईडी अफ्रीकी देश नाइजीरिया से बनी थी। इसके बाद उन खातों की पड़ताल की गई, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी। वह बैंक खाते भी फर्जी पतों पर निकले। उनके साथ अचेट मोबाइल नंबर भी नकली निकले। मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई तो आरोपितों की लोकेशन का पता चला। पुलिस ने सबसे पहले मीरगंज बरेली से जबरपाल को दबोच लिया।
इससे पूछताछ के बाद पुलिस ने जबर के रिश्तेदार राहुल को दिल्ली से दबोचा। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह दिल्ली के सराय जुलेना गांव में शाहिद नामक युवक से मिले थे। उसके कहने पर वह ठगी में शामिल हुए। फर्जी पतों पर बैंक खाते खुलवाकर शाहिद को दिए। उसके बदले हर खाते में 10 हजार और ठगी की रकम का 20 फीसदी हिस्सा उनको मिलता था। पुलिस बाकी आरोपितों की तलाश कर रही है।


