
मुंबई : (Mumbai) चकाचौंध भरी ग्लैमरकी दुनिया (dazzling world of glamour) बाहर से जितनी चमकदार नजर आती है, उसके पीछे संघर्ष की लंबी कहानियां छिपी होती हैं। खासकर उन मांओं की, जिन्होंने निजी जिंदगी के तूफानों के बावजूद अपने बच्चों के सपनों को टूटने नहीं दिया। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने अकेले दम पर बच्चों की परवरिश की और उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अमृता सिंह: बच्चों के लिए छोड़ दी ग्लैमर की दुनिया
अमृता सिंह (Amrita Singh) 90 के दशक की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। सैफ अली खान से अलग होने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी बेटी सैफ अली खान और बेटे इब्राहिम अली खान (Ibrahim Ali Khan) की परवरिश। अमृता ने अपने करियर से ज्यादा बच्चों को प्राथमिकता दी। उन्होंने बच्चों को न सिर्फ अच्छी शिक्षा दी, बल्कि जिंदगी की सादगी और संस्कार भी सिखाए। आज सारा अली खान कई बार खुलकर कह चुकी हैं कि उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
श्वेता तिवारी: हर मुश्किल से लड़कर बच्चों को दिया बेहतर भविष्य
टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री श्वेता तिवारी (Shweta Tiwar) की जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही। दो असफल शादियों और घरेलू विवादों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बेटी पलक तिवारी और बेटे रेयांश (daughter, Palak Tiwari, and her son, Reyansh) की जिम्मेदारी अकेले निभाई। श्वेता ने लगातार काम करके बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया। आज पलक तिवारी बॉलीवुड में अपनी पहचान बना रही हैं और अपनी मां को अपना रोल मॉडल मानती हैं। श्वेता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादों के आगे परिस्थितियां छोटी पड़ जाती हैं।
बबिता कपूर: परंपराओं के खिलाफ जाकर बेटियों को बनाया सुपरस्टार
बबिता कपूर (Babita Kapoor) ने उस दौर में बड़ा फैसला लिया, जब कपूर परिवार की महिलाओं के फिल्मों में काम करने को लेकर कई परंपराएं थीं। रणधीर कपूर से अलग होने के बाद उन्होंने अकेले ही बेटियों करिश्मा कपूर और करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan. Karisma Kapoor) की परवरिश की।करिश्मा कपूर का 90 के दशक में सुपरस्टार बनना और फिर करीना कपूर का बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शामिल होना, बबिता की मेहनत और अनुशासन का परिणाम माना जाता है।
नीना गुप्ता: समाज की सोच से लड़कर बनीं मिसाल
नीना गुप्ता (Neena Gupta) ने उस समय बिना शादी के मां बनने का फैसला लिया, जब समाज इसे स्वीकार नहीं करता था। उन्होंने क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ अपने रिश्ते और बेटी मसाबा गुप्ता (Masaba Gupta) की जिम्मेदारी को पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया।
नीना ने अकेले मसाबा की परवरिश की और आज मसाबा देश की चर्चित फैशन डिजाइनर्स में गिनी जाती हैं। उनकी कहानी आज भी महिलाओं के लिए साहस और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा है।
पूजा बेदी: बेटी को दी स्वतंत्र सोच
पूजा बेदी (Pooja Bedi) ने तलाक के बाद बेटी अलाया एफ को आधुनिक और स्वतंत्र सोच के साथ बड़ा किया। अलाया आज बॉलीवुड की उभरती हुई प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में शामिल हैं। इन सभी अभिनेत्रियों की जिंदगी यह साबित करती है कि ‘सिंगल मदर’ होना किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि हिम्मत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इन मांओं ने अपने संघर्षों को बच्चों की ताकत बनाया और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया कि आज वे अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।


