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Mumbai : बिना तकनीकी जांच कार्रवाई उचित नहीं : हाई कोर्ट

Mumbai: Action Without Technical Inspection Is Improper: High Court

जुई क्रीक ब्रिज पर एलईडी होर्डिंग हटाने से संबधित है मामला
मुंबई : (Mumbai)
बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने नवी मुंबई के जुई क्रीक ब्रिज (Juhi Creek Bridge in Navi Mumbai) पर लगाए गए एलईडी होर्डिंग को हटाने के निर्देश पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना स्पष्ट तकनीकी जांच और संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई करना उचित नहीं है। अदालत ने मामले में विस्तृत संयुक्त निरीक्षण कराने का आदेश दिया है।

वीजेटीआई विशेषज्ञों की मौजूदगी में होगा निरीक्षण
न्यायमूर्ति अद्वैत एम. सेठना और न्यायमूर्ति संदेश डी. पाटील (Justice Advait M. Sethna and Justice Sandesh D. Patil) की अवकाशकालीन पीठ ने निर्देश दिया कि वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वीजेटीआई) (Veermata Jijabai Technological Institute) के विशेषज्ञों की उपस्थिति में दो सप्ताह के भीतर संयुक्त निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण में ब्रिज और एलईडी होर्डिंग की सुरक्षा, संरचनात्मक स्थिरता और तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जाएगी।

‘डीसोशल मीडिया’ कंपनी ने दायर की थी याचिका
पीठ के समक्ष डीसोशल मीडिया (DSocial Media) कंपनी की याचिका पर सुनवाई हुई। कंपनी का दावा था कि जून 2025 में विधिवत अनुमति और पांच वर्ष के अनुबंध के आधार पर एलईडी होर्डिंग लगाया गया था। कंपनी ने कहा कि मार्च 2025 में वीजेटीआई द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में ब्रिज और होर्डिंग दोनों को सुरक्षित बताया गया था।

बिना दस्तावेज दिए जारी किया गया हटाने का आदेश
याचिका में कहा गया कि प्रशासन ने 23 अप्रैल 2026 को जिस स्ट्रक्चरल ऑडिट (structural audit) के आधार पर होर्डिंग हटाने का आदेश दिया, उसकी प्रति और बैठक के मिनट्स उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।

सरकार ने बताया सुरक्षा के लिए खतरा
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हालिया स्ट्रक्चरल ऑडिट में होर्डिंग को असुरक्षित पाया गया है और तत्काल हटाने की सिफारिश की गई थी। वहीं नवी मुंबई महानगरपालिका ने अदालत में 30 अप्रैल 2026 का पत्र पेश कर क्षेत्र में व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट किए जाने की जानकारी दी।

28 मई को अगली सुनवाई
अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित ब्रिज और होर्डिंग का विशेष निरीक्षण किया गया था या नहीं। पीठ ने याचिकाकर्ता को यह अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया कि किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी उसी की होगी। मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2026 को होगी। तब तक सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

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