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Mumbai/New Delhi : भारत को 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा हासिल करने के लिए 30 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी: जोशी

मुंबई/नई दिल्ली : (Mumbai/New Delhi)भारत को 2030 तक 500 गीगावाट गैर ईंधन आधारित ऊर्जा (नवीकरणीय ऊर्जा) हासिल करने के लिए 30 लाख करोड़ रुपये (सालाना 5 से 6 लाख करोड़ रुपये) की जरूरत होगी। इसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों, अंतरराष्‍ट्रीय ऋण, इक्विटी फंडिंग, ऋण फंडिंग, कॉर्पोरेट बॉन्ड और पेंशन फंड सहित कई स्रोतों के माध्यम से जुटाया जाएगा।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोमवार को यहां नवीकरणीय ऊर्जा के लिए वित्त जुटाने पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के बाद यह बात कही। जोशी ने कहा कि वित्त जुटाना 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा हासिल करने की कुंजी है। उन्‍होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा वित्तपोषण दायित्व समय की मांग है।

जोशी ने कहा कि सरकार 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के लिए काफी महत्वाकांक्षी है, क्योंकि भारत की बिजली की मांग 2032 तक दोगुनी होने की उम्मीद है।

मंत्री के अनुसार 31 जनवरी, 2025 तक भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 48.3 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। अक्षय ऊर्जा के लिए मुंबई में वित्त जुटाने पर संपन्‍न राष्ट्रीय कार्यशाला में जोशी के साथ राज्य मंत्री श्रीपद नाइक भी उपस्थित थे।

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