
नासिक : (Nashik) नासिक की एक अदालत (court in Nashik) ने कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन संबंधी टीसीएस कर्मी निदा खान (TCS employee Nida Khan) की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पीड़िता का ‘सुनियोजित तरीके से’ ‘ब्रेनवाश’ (“well-orchestrated conspiracy” to “brainwash”) करके उसे मलेशिया भेजने की ‘एक सुनियोजित साजिश’ थी। अदालत ने कहा कि खान की याचिका में ‘कोई दम नहीं है।’ अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता वास्तव में बहुआयामी और बहुस्तरीय है तथा मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अतिरिक्त सेशन जज (नासिक रोड) के. जी. जोशी (Additional Sessions Judge (Nashik Road) K.G. Joshi,) का आदेश सोमवार को उपलब्ध हुआ। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से पता चलता है कि आरोपी की पीड़िता का नाम बदलने के बाद उसे मलेशिया भेजने की योजना थी। अभियोजन पक्ष द्वारा उससे हिरासत में पूछताछ की जरूरत पर जोर दिये जाने के बाद अदालत ने खान की याचिका दो मई को खारिज कर दी।


