सीओ बोले, केस की तथ्यों के आधार पर विवेचना कर कोर्ट में पेश की जाएगी रिपोर्ट
मुरादाबाद : धोखाधड़ी, साजिश रचने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में विवेचक ने 17 माह बाद भी जांच पूरी नहीं की। पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए विवेचक को फटकार लगाते हुए दस दिन में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
बुद्धि विहार निवासी विशाल गोयल ने मझोला थाने में 31 मार्च 2022 को दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने हिंदू एजूकेशन सोसायटी के नाम जारी पट्टे के मामले की शिकायत डीएम से की थी। इसी रंजिश में उनके साथ मारपीट की गई। प्रार्थनापत्र वापस लेने का दबाव भी बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में एफआर लगाने कोशिश की तो पीड़ित ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की। जिस पर हाईकोर्ट ने सीजेएम को निष्पक्ष जांच का आदेश दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विवेचक को फटकार लगाते हुए दस दिन में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि केस की तथ्यों के आधार पर विवेचना कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी।


