
मेदिनीपुर : (Medinipur) दस वर्षों की लंबी प्रतीक्षा एक फोन कॉल ने संभव कर दिखाया। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन-दो (Dantan-II block of West Medinipur district) प्रखंड अंतर्गत साबड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को अब पक्की छत मिलने जा रही है। राज्य सरकार की ‘सीधे मुख्यमंत्री’ पहल और ‘बांग्लार बाड़ी’ (Banglar Bari) योजना के माध्यम से वर्षों से वंचित 360 परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण जगी है।
मंगलवार को प्रशासनिक सूत्रों द्वारा मिले जानकारी अनुसार, साबड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में कुल 360 आवासों को स्वीकृति प्रदान (360 houses have been sanctioned in the Sabra Gram Panchayat area) की गई है। इनमें से 200 पक्के मकान अल्पसंख्यक बहुल साबड़ा गांव में बनाए जाएंगे। लाभार्थियों की सूची के आधार पर घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (फील्ड वेरिफिकेशन) का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सर्वेक्षण पूरा होते ही लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि स्थानांतरित कर दी जाएगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्ष 2016 के बाद दांतन-दो प्रखंड में सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ, लेकिन पक्के आवास का सपना अब तक अधूरा बना हुआ था। केंद्र सरकार की आवास योजनाओं से जुड़ी जटिलताओं के कारण बार-बार स्वीकृति अटक जाती थी। गरीब परिवार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंततः मजबूर होकर ग्रामीणों ने ‘सीधे मुख्यमंत्री’ हेल्पलाइन पर अपनी पीड़ा दर्ज कराई, जिसके बाद राज्य सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
दांतन-दो के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अभिरूप भट्टाचार्य (Abhirup Bhattacharya, the Block Development Officer)ने बताया कि ग्रामीणों ने सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क कर आवेदन किया था। उसी के आधार पर आवास स्वीकृत हुए हैं। फिलहाल एसआईआर के तहत फील्ड वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उम्मीद है कि एक माह के भीतर प्रक्रिया पूरी होते ही लाभार्थियों को पहली किस्त मिल जाएगी।
साबड़ा गांव की निवासी रबीना बीबी और देवरूप माइती ने कहा कि आंधी-तूफान में हमारा कच्चा मकान ढह गया था। पक्का घर बनाने की सामर्थ्य हमारे पास नहीं थी। केंद्र से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। मुख्यमंत्री से फोन पर बात होते ही समस्या का समाधान हो गया। अब हमें सुरक्षित छत मिलने जा रही है।


