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Navi Mumbai : नवी मुंबई एयरपोर्ट पर तीसरे रनवे की तैयारी शुरू

Navi Mumbai: Preparations Begin for Third Runway at Navi Mumbai Airport

बढ़ती हवाई यातायात मांग को देखते हुए सिडको ने फीजिबिलिटी स्टडी के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया
नवी मुंबई : (Navi Mumbai)
मुंबई महानगर क्षेत्र (Mumbai Metropolitan Region) में तेजी से बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए सिडको (CIDCO) ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Navi Mumbai International Airport) पर तीसरे रनवे के विकास की दिशा में अहम कदम उठाया है। इसके लिए टेक्नो-कमर्शियल फीजिबिलिटी स्टडी कराने का निर्णय लिया गया है।

आरआईटीईएस–क्रिएटिव ग्रुप जेवी को मिली जिम्मेदारी

इस अध्ययन के लिए RITES Limited और क्रिएटिव ग्रुप (RITES Limited and the Creative Group) के संयुक्त उपक्रम (जेवी) को सलाहकार नियुक्त किया गया है। यह अध्ययन अगले छह महीनों में पूरा होने की संभावना है।

उच्च स्तरीय बैठक में हुई समीक्षा

15 अप्रैल 2026 को सिडको के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय सिंघल (Vijay Singhal) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विश्वस्तरीय एविएशन हब बनाने की योजना

विजय सिंघल ने बताया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय एविएशन हब (world-class aviation hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है। तीसरे रनवे का प्रस्ताव एयरपोर्ट की क्षमता और संचालन दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

ड्यूल एयरपोर्ट सिस्टम का हिस्सा

यह हवाई अड्डा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के साथ मिलकर ड्यूल एयरपोर्ट सिस्टम (dual airport system) का हिस्सा बनेगा। परियोजना की कुल क्षमता 90 मिलियन यात्रियों और 3.2 मिलियन टन कार्गो सालाना संभालने की है।

भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर योजना

करीब 1,160 हेक्टेयर में विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट में दो समानांतर रनवे और चार टर्मिनल चरणबद्ध तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान में मुंबई महानगर क्षेत्र की आबादी 2 करोड़ से अधिक है और 2040 तक हवाई यातायात 150 मिलियन (population of the Mumbai Metropolitan Region exceeds 20 million) यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जो आगे 2047–2050 तक 240 मिलियन तक जा सकता है।

फीजिबिलिटी स्टडी से तय होगा आगे का रास्ता

यह अध्ययन तीसरे रनवे की तकनीकी, पर्यावरणीय, परिचालन और वित्तीय व्यवहार्यता का विस्तृत आकलन करेगा। इससे क्षेत्र की विमानन अवसंरचना को मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए ठोस योजना तैयार की जा सकेगी।

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